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Ghaziabad News: लू लगी, बेहोश होकर गिरे और तोड़ दिया दम

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गाजियाबाद। प्रचंड गर्मी में 44 डिग्री सेल्सियस पर तपती दोपहरी लू लगी, चक्कर आया, बेहोश होकर गिरे और गिरते ही दम निकल गया। शुक्रवार को तीन लोगों की जान इसी तरह से गई। तीनों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सक ने देखते ही कह दिया, नब्ज थम चुकी है और रजिस्टर में लिख दिया ब्राॅड डेड यानी मृत अवस्था में लाए गए थे। बृहस्पतिवार को इसी तरह चार लोगों की जान गई थी।
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शुक्रवार की दोपहर सबसे पहला मामला संयुक्त जिला अस्पताल में लाया। मोरटी कट के पास से पुलिस जोगेंद्र ( 45) को लेकर पहुंची। चिकित्सक ने उन्हें मृत बताया। पुलिस का कहना था कि वह सड़क पर अचेत अवस्था में मिले। आसपास के लोगों ने बताया कि उनके सामने ही गर्मी की वजह से चक्कर खाकर गिर पड़े थे। उनके शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया गया। उनके जेब से मिले परिचय पत्र में उनका नाम था लेकिन पता नहीं था।



ठीक इसी तरह का दूसरा मामला रेलवे स्टेशन माल गोदाम से आया। जीआरपी को गोदाम के पास 74 वर्षीय बुजुर्ग मृत अवस्था में मिले। जीआरपी ने गर्मी लग जाने की वजह से उनकी मौत हो जाने की आशंका जताई। उनके पते की भी जानकारी नहीं मिल सकी। शव को अज्ञात में रखवाया गया है। शिनाख्त के लिए तीन दिन इंतजार किया जाएगा। इसके बाद पोस्टमार्टम होगा।
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तीसरा मामला अलावा राजनगर एक्सटेंशन से आया। वीवीआईपी सोसायटी के पीछे झुग्गियों में रहने वाले ओमप्रकाश (22) अचानक बेहोश हो गए। उन्हें 108 एंबुलेंस से एमएमजी अस्पताल लाया गया। रास्ते में एंबुलेस पर तैनात अमित ने उन्हें प्राथमिक उपचार भी दिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। चिकित्सकों ने लू लगने से मौत की आशंका जताई है।





पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार



सीएमओ डाॅ. भवतोष शंखधार का कहना है कि जिन लोगों की मौत गर्मी से होना बताया जा रहा है, उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बिना पोस्टमार्टम के यह कहना मुश्किल है कि मौत की वजह गर्मी ही है या कुछ और है। सभी मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।





लू लगने से 1200 लोग और पड़े बीमार

निजी अस्पतालों में उल्टी-दस्त के मरीजों से फुल हो गए वार्ड
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। लू लगने से बीमार पड़ रहे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को दोनों जिला अस्पतालों में पहुंचे कुल 2,420 मरीजों में से 1,200 उल्टी-दस्त के थे। इनमें से 45 की हालत ज्यादा गंभीर थी। उन्हें भर्ती कराया गया। उल्टी-दस्त के रोज 20 से ज्यादा मरीज ऐसे आए जो वार्ड फुल हो जाने की वजह से निजी अस्पताल में भर्ती नहीं हो पाए।
संयुक्त जिला अस्पताल के वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में कुल 820 और एमएमजी में 1600 मरीज पहुंचे। इनमें बुजुर्गों और बच्चों की संख्या अधिक रही। एमएमजी की इमरजेंसी में 87 मरीज पहुंचे, जिनमें 20 को भर्ती करना पड़ा। संयुक्त अस्पताल में 40 मरीज पहुंचे जिनमें से 25 को भर्ती करना पड़ा। एमएमजी के फिजिशियन डॉ. संतराम ने बताया कि कुछ मरीजों की स्थिति दो से चार घंटे के उपचार के बाद ही ठीक हो गई।








सभी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं रखने के निर्देश दिए गए हैं और अलग से वार्ड भी तैयार रखने को कहा गया है। एंबुलेंस चालकों को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है-डॉ. भवतोष शंखधार,सीएमओ



पारा 44 पर, राहत के आसार नहीं



संवाद न्यूज एजेंसी



गाजियाबाद। भीषण गर्मी में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44 और न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राहत मिलने के आसार नहीं बन रहे हैं। शनिवार को ही अधिकतम तापमान 44 पर रहने के आसार हैं। रविवार को दो डिग्री कम हो सकता है, लेकिन गर्मी से राहत के लिए यह काफी नहीं। दोपहर में गर्म हवा 12 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है । मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि अगले सप्ताह भी मौसम के मिजाज में खास परिवर्तन की संभावना नहीं है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार बन रहे हैं। ऐसा हुआ तो अचानक से आंधी चल सकती है। बूंदाबांदी भी सकती है।




रेलवे स्टेशन पर गर्मी से बचाव के इंतजाम ठंडे

फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी

गाजियाबाद। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का गर्मी से बुरा हाल है। टिन शेड तप रही है। पंखे कभी चलते हैं तो कभी बंद रहते हैं। टोंटी से पानी भी गर्म निकल रहा है। इस पर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
प्लेटफार्म नंबर दो पर शुक्रवार दोपहर को क्षमता से तीन गुना लोग खड़े और बैठे हुए मिले। बैंच पर जिनको जगह नहीं मिली, वह नीचे फर्श पर ही बैठ गए। वहां व्यवस्था बनाने के लिए न आरपीएफ दिखी और न ही जीआरपी का कोई जवान। गर्मी अधिक होने से कई यात्रियों की तबीयत भी बिगड़ गई। आलम यह है कि स्टेशन पर लगे आरओ सिस्टम से पानी भी गर्म निकल रहा था।
यात्री सुनीता ने बताया कि मजबूरी में लोगों को बोतलबंद पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। उत्तर रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि गर्मी में यात्रियों से अपील है कि वह ट्रेन के समय की सही जानकारी करने के बाद घर से निकलें। तकनीकी कारणों से कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, इनके समय में सुधार का प्रयास चल रहा है।

एप पर भी सही जानकारी नहीं

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर शालीमार ट्रेन के इंतजार में खड़े मनीष पाराशर ने बताया कि एप पर देखा तो शालीमार ट्रेन सही समय पर आने की जानकारी दिखा रहा था, लेकिन जब यहां परिवार के साथ पहुंचा तो पता चला कि ट्रेन डेढ़ घंटे देरी से चल रही है। बच्चों के साथ उमस में समय गुजारना बड़ा मुश्किल हो रहा है।


ये ट्रेनें देरी से चलीं :

शालीमार मलानी एक्सप्रेस एक घंटे, अलीगढ़ मेमू एक्सप्रेस पौने दो घंटे, जालंधर सिटी इंटरसिटी एक्सप्रेस पौने चार घंटे, कलिंगा उत्कल साढ़े पांच घंटे, टूंडला गाजियाबाद ईएमयू एक्सप्रेस 55 मिनट, मेरठ छावनी दो घंटे, जम्मू तवी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, नेताजी एक्सप्रेस दो घंटे, छत्तीसगढ़ एक घंटे 35 मिनट, उत्तर पूर्व एक्सप्रेस एक घंटे देरी से गाजियाबाद पहुंची।
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