नए वर्ष से दिल्ली-एनसीआर में शामिल गाजियाबाद और नोएडा में 15 वर्ष पुराने पेट्रोल और 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। निर्धारित अवधि तक पहुंच चुके वाहनों को सड़क पर चलता पाए जाने पर डंप कर स्क्रैप कर दिया जाएगा।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के आदेश पर प्रदेश के परिवहन आयुक्त के रविंद्र नायक ने इसे लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। एनजीटी ने वाहनों से बढ़ते प्रदूषण के चलते दिल्ली-एनसीआर से निर्धारित अवधि तक पहुंच चुके वाहनों को सड़क से हटाने के आदेश दिए थे, इसी के तहत राज्य सरकार ने पुराने वाहनों को सड़क से हटाने का निर्णय लिया है, जिससे शहर की आबोहवा बेहतर हो सके।
एआरटीओ विश्वजीत सिंह ने बताया कि आदेश के तहत 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों को जनवरी के पहले सप्ताह से हटाया जाएगा। ये वाहन बीएस-1 और बीएस-2 श्रेणी में आते हैं जबकि वर्तमान में बीएस-4 वाहनों की श्रेणी चल रही है।
वायु प्रदूषण रोकने के लिए यह कवायद की जा रही है। गाजियाबाद में बीएस-1 और बीएस-2 की श्रेणी में आने वाले 2500 वाहन हैं। इनमें सबसे ज्यादा कारें और मोटर साइकिलें हैं। इन वाहनों की लिस्ट तैयार कर ट्रैफिक पुलिस और प्रवर्तन विभाग को सौंपी जाएगी। सड़काें पर वाहनों की जांच होगी और इन वाहनों को तुरंत सीज कर दिया जाएगा।
वाहनों को डंप और स्क्रैप करने के लिए जमीन की तलाश
परिवहन विभाग वाहनों के कागजात लेकर सीज कर देगा। वाहनों को डंप और स्क्रैप करने के लिए जीडीए और नोएडा विकास प्राधिकरण से जमीन मांगी गई है।
अन्य शहरों में वाहन बेचने के लिए मचेगी मारामारी
एनजीटी का आदेश सिर्फ दिल्ली-एनसीआर लिए है, ऐसे वाहन स्वामी कार और मोटर साइकिल बेचने के लिए दूसरे शहरों का रुख करेंगे, जहां ये नियम लागू नहीं होता है। इसके लिए ऑनलाइन वेबसाइट का भी सहारा लिया जाएगा।