जीडीए ने गत वर्ष राजनगर एक्सटेंशन के पास आठ गांवों की 521 हेक्टेयर जमीन पर यह आवासीय योजना बसाने के लिए जमीन जुटाने का काम शुरू किया था। इसके तहत सैटेलाइट व ड्रोन सर्वे के बाद जमीन की चौहद्दी की पड़ताल की गई। जिन गांवों की जमीन पर योजना बसाई जानी है, उनमें मोरटा, मथुरापुर, शमशेर, चंपतनगर, भनेड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर, भोवापुर, शाहपुर निज मोरटा शामिल हैं।
राजस्व विभाग के साथ करीब दो महीने तक पड़ताल के बाद पहले चरण में पांच गांवों की 336 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत कर योजना को धरातल पर उतारने का फैसला किया गया है। पहले चरण के लिए जीडीए मथुरापुर, शमशेर, चंपतनगर, भनेड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर गांव की जमीन खरीद रहा है। सहमति देने वाले किसान खसरा-खतौनी के सत्यापन के लिए जीडीए के अधिकारियों के संपर्क में हैं।
किस गांव से कितनी जमीन होगी अधिग्रहीत
मथुरापुरः 14.60 हेक्टेयर
शमशेर: 86.54 हेक्टेयर
चंपतनगर: 33.98 हेक्टेयर
भनेड़ा खुर्द: 9.06 हेक्टेयर
नगला फिरोज मोहनपुर: 192.65 हेक्टेयर
प्रस्तावित सुविधाएं
स्पोर्ट्स सिटी, मेडिसिटी, साइबर सिटी, एड्यूसिटी, बड़े पार्क के साथ ही 15 फीसदी से ज्यादा हरित क्षेत्र और ई-व्हीकिल ट्रांसपोर्ट सर्विस।
सर्किल रेट से चार गुना दाम
जीडीए के सहायक अभियंता रुद्रेश शुक्ला ने बताया कि सर्किल रेट से चार गुना तक दाम पर जमीन खरीदी जा रही है। पहले चरण के लिए जमीन खरीद पर अब तक 300 करोड़ से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं।