यूपीएसआईडीसी के सहायक प्रबंधक धीरज मिश्रा
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अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के मामले में यूपीएसआईडीसी के सहायक प्रबंधक सिविल धीरज मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बुधवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर रिश्वत लेकर बिना स्थलीय निरीक्षण किए फैक्टरी की रिपोर्ट देने का आरोप है। उनके खिलाफ कार्रवाई के बाद इस मामले से जुड़े विभागों के अधिकारियों की धड़कने तेज हो गई हैं।
धौलाना के यूपीएसआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 के प्लॉट संख्या एफ 128 पर संचालित रूबी इंडस्ट्रीज में चार जून को दोपहर करीब ढाई बजे विस्फोट हुआ था। 13 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। 20 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए थे।
धौलाना थाने में तहरीर देते हुए तहसीलदार प्रवीण कुमार ने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधक ने जानकारी दी थी कि फैक्टरी के मालिक दिलशाद खान निवासी न्यू ब्रिजपुरी दिल्ली को इलेक्ट्रानिक व इलेक्ट्रिक पार्ट के निर्माण के लिए 15 जुलाई 2019 को आवंटन किया गया। उत्पादकता प्रमाण पत्र सहायक प्रबंधक सिविल धीरज मिश्रा के 14 जुलाई 2021 को स्थलीय निरीक्षण के आधार पर दिया गया था।
रिपोर्ट में लिखा गया था कि स्थलीय निरीक्षण में मौके पर इलेक्ट्रानिक एवं इलेक्ट्रिक पार्ट्स के निर्माण के लिए सामग्री मौजूद मिली।
हादसे के बाद गिरफ्तार किए गए फैक्टरी मालिक ने पूछताछ में खुलासा किया है कि इसके एवज में अधिकारी को 25 हजार की रिश्वत दी गई थी। सही रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती तो यह हादसा नहीं होता।
फैक्टरी में अवैध काम के लिए मासिक धनराशि भी तय की गई थी। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि तहसीलदार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी सहायक प्रबंधक सिविल धीरज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।