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हापुड़ के सीमा विस्तार की तैयारी, शासन को फिर से जाएगा प्रस्ताव

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हापुड़ के सीमा विस्तार की तैयारी, शासन को फिर से जाएगा प्रस्ताव
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हापुड़। जिले के सीमा विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। डीएम अनुज सिंह ने शासन को सीमा विस्तार का प्रस्ताव भेजने के लिए फाइल तलब की है। सदर विधायक भी सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हापुड़ के सीमा विस्तार पर चर्चा की है। दो साल पहले भी शासन को इसकी फाइल गई थी।अब बुलंदशहर जनपद की स्याना तहसील और गुलावठी विकास खंड के अलावा मेरठ जनपद के खरखौदा विकास खंड के 27 गांवों के साथ धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को हापुड़ का हिस्सा बनाया जा सकता है।
28 सितंबर 2011 को जनपद गाजियाबाद की तहसील हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर को अलग कर जनपद का सृजन किया गया था। तब धौलाना में भी तहसील बनी। वर्तमान में 111763 हेक्टेयर में फैले हापुड़ जिले में कुल 350 राजस्व गांव और चार विकास खंड हैं। पिछले वर्षों में जिले के कुछ संगठनों द्वारा जिले की सीमा विस्तार की मांग उठाई गई। इसके बाद करीब दो साल पहले डीएम अदिति सिंह ने शासन को सीमा विस्तार का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इस प्रस्ताव में गुलावठी को तहसील बनाकर स्याना तहसील के साथ हापुड़ में जोड़ेने की बात थी। मेरठ के भी एक बड़े हिस्से को इसमें जोड़ा जाना था। शासन को मंडलायुक्त के माध्यम से प्रस्ताव भेजा गया था। तभी से यह प्रस्ताव शासन में लंबित है। अब एक बार फिर डीएम अनुज सिंह ने इसमें दिलचस्पी दिखाते हुए सीमा विस्तार से संबंधित फाइल को तलब किया है। अब प्रस्ताव को दोबारा शासन को भेजने की तैयारियां की जा रही हैं।
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जनहित में है जिले का विस्तार
हापुड़ क्षेत्रफल की दृष्टि से छोटा जिला है। इसमें बुलंदशहर और हापुड़ के हिस्से को जोड़ा जाता है तो, राजस्व की प्राप्ति के साथ विकास की रफ्तार भी तेज होगी। इसलिए प्रस्ताव को पुन: भेजे जाने पर विचार किया जा रहा है।-अनुज सिंह, डीएम, हापुड़।
जरूर होगा सीमा विस्तार
इस पहल से जुड़े लोग लगातार प्रयासरत हैं। जल्द ही इस दिशा में सफलता प्राप्त होगी। -डा. एसके कौशिक, संयोजक, जिला हापुड़ सीमा विस्तार एवं जनकल्याण समिति।
सीएम ने दिया है जिले के विस्तार का भरोसा
जल्द ही विधानसभा चुनाव हैं और इस चुनाव में जिले का दायरा बढना एक बड़ी उपलब्धि होगी। इसे देखते हुए जनप्रतिनिधि भी इस मामले को लेकर दिलचस्पी लेते रहे हैं। सदर विधायक विजयपाल आढ़ती इस मुद्दे को लेकर सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिले।विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर बात की गई है, उन्होंने सकारात्मक रुख दिखाते हुए इसे गंभीरता से लिया है।
ये इलाके जुड़ सकते हैं
मेरठ जनपद के खरखौदा विकास खंड के 27 गांव, धीरखेडा इंडस्ट्रीयल एरिया, मेरठ के विकास खंड माछरा के 14 गांव, जनपद बुलंदशहर की तहसील स्याना और विकास खंड बीबीनगर, अगौता और गुलावठी और इस क्षेत्र से जुड़े गांव।
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स्याना-गुलावठी के जुड़ने से होगा लाभ
स्याना तहसील के हापुड़ से जुडने के बाद स्याना क्षेत्र के लोगों को भी राहत मिल सकती है। स्याना तहसील से जनपद बुलंदशहर मुख्यालय 37 किलोमीटर दूर है, जबकि जनपद हापुड़ मुख्यालय मात्र 22 किलोमीटर दूर है। तहसील स्याना की सीमा तहसील हापुड़ और तहसील गढ़मुक्तेश्वर से जुड़ी है। गुलावठी को तहसील बनाकर जनपद हापुड़ में जोड़ा जाता है तो इस जनपद में विकास खंड अगौता, गुलावठी और बीबीनगर जुड़ जाएंगे। इन विकास खंडों के 89 गांव गुलावठी तहसील क्षेत्र में जोड़े जा सकते हैं। जबकि मेरठ क्षेत्र के हिस्से को हापुड़ से जोडने पर भी लाभ मिलेगा। धीरखेड़ा इंडस्ट्रीयल एरिया हापुड़ शहर से सटा है और उद्यमियों को मेरठ की दौड़ लगानी पड़ती है। खरखौदा के आसपास के गांवों की भी हापुड़ से दूरी मात्र पांच से सात किलोमीटर है। ऐसे में इन क्षेत्रों के लोगों को जहां लाभ मिलेगा। वहीं हापुड़ जिले को भी राजस्व की प्राप्ति होगी।
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