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कोरोना को मात देने के बावजूद 1000 के मन से नहीं निकला डर

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कोरोना को मात देने के बावजूद 1000 के मन से नहीं निकला डर
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हापुड़। कोरोना को मात देने वाले 1000 लोगों के मन से अभी भी डर नहीं निकल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। इनमें से अधिकांश को सीने में जकड़न और दर्द की शिकायत है तो किसी को लगता है कि उसकी शुगर अनियंत्रित हो रही है। इन मरीजों की लिस्ट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग काउंसिलिंग की व्यवस्था करने जा रहा है। इसके लिए 12 टीमें बनाई गई हैं जो इन मरीजों के घर जाकर काउंसिलिंग करेंगी।
जिले में कोरोना के संक्रमण की दूसरी लहर में दो जून तक करीब 7500 लोग संक्रमित हुए हैं। जिनमें 196 लोगों की मौत हुई और 412 का उपचार चल रहा है। बाकी 6892 मरीज ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जब ठीक हो चुके मरीजों का फॉलो अप किया तो इनमें 1000 लोग ऐसे मिले जिन्होंने कुछ न कुछ समस्या बताई। जांच हुई तो इनमें से अधिकांश ठीक निकले। दरअसल सोशल मीडिया की खबरों, अस्पतालों के माहौल और आसपास के दायरे में लोगों की मौत की खबरों से इनके मन में डर बैठ गया है। इनमें से कुछ मरीज डिप्रेशन की जकड़ में भी आ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस सभी की सूची तैयार कर ली है। साथ ही 12 ऐसी टीमें बनाई हैं जो इन मरीजों के घर जाकर इनके बीपी, शुगर आदि की नियमित जांच कर इनका डर दूर करेंगे। इन टीमों में डॉक्टरों के साथ आशा और एएनएम की भी ड्यूटी लगाई गई है।
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इस प्रकार की आ रही दिक्कतें --
मौतों की संख्या से बैठा डर
केस-1 मोहल्ला राजीव विहार निवासी संदीप 15 दिन पहले कोरोना संक्रमण को हराकर ठीक हुए। लेकिन अभी भी उनके मन में अजीब सा डर बना रहता है। जिस अस्पताल में वह भर्ती थे, वहां उनके पास के बेड पर कई मौतें हुई। इससे उन्हें डर लगता ळै। अब शरीर में जकडन और दर्द की शिकायत है। कभी सांस लेने में तकलीफ होती है।
लगता है ब्लैक फंगस न हो जाए
केस-2
मोहल्ला आदर्श नगर निवासी अनुज कुमार ने बताया कि वह कोरोना से ठीक हो चुके हैं। लेकिन उनकी शुगर नियंत्रित होने का नाम नहीं ले रही। करीब 15 दिन तक वह अस्पताल में भर्ती रहे थे, जान बचाने के लिए स्टेरॉयड भी लिए। अब उन्हें ब्लैक फंगस जैसी बीमारी का खतरा सताता रहता है और शरीर इसी प्रकार के लक्षणों से ग्रस्त महसूस होता है।
भूख लग रही न आ रही नींद
केस-3
मोहल्ला श्रीनगर निवासी अंकित ने बताया कोरोना से स्वस्थ होने के बाद भी उनका मन विचलित है। रात में नींद नहीं आती, अजीब सा महसूस होता रहता है। कई चिकित्सकों से परामर्श ले चुके हैं, फिर भी डर दूर नहीं हो रहा। भूख भी पहले से कम लग रही है।
यूं लगता है डर...
अचानक सीने में दर्द और जकड़न महसूस होने लगती है।
लगता है कि शुगर लेवल बहुत ज्यादा हो गया है।
कभी-कभी लगता है कि दिल की धड़कन तेज हो गई है।
ऐसा लगता है कि दम घुट रहा है, सांस लेने में तकलीफ लगती है।
एहसास होता है कि बुखार से शरीर तप रहा है।
आंखों में जलन की समस्या होती है और आंखे लाल हो जाती है
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अभी 1000 की कराएंगे काउंसिलिंग
कोरोना से ठीक होने के बाद अवसाद से गुजर रहे लोगों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। अभी 1000 लोग ऐसे मिले हैं जो कोरोना से तो ठीक हो गए पर उनके मन में डर बैठा है। इन्हें हर वक्त लगता रहता है कि वो किसी अन्य बीमारी की चपेट में आ गए हैं। कोरोना से स्वस्थ हो चुके बहुत से मरीजों का शुगर लेवल तेजी से बढ़ रहा है। इन सभी को स्वस्थ रहने के टिप्स दिए जाएंगे।
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- डॉ. रेखा शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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दूसरी लहर में ज्यादा बढ़ा है डर
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चरम के दौरान लोगों में डर ज्यादा बढ़ा है। सोशल मीडिया व आसपास के दायरे से नकारात्मक सूचनाएं अधिक मिली हैं। ऐसे में डर बढ़ा है। इन लोगों को चाहिए कि व्यायाम करें और अच्छी डाइट लें। संगीत सुनें और सुखांत वाली फिल्में देंखे। सकात्मक सोच रखने वाले दोस्तों से बातें करें और समय बिताएं। जल्दी ही इस स्थिति से उबरा जा सकता है।
डॉ. विकास सैनी, मनोचिकित्सक
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