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गांवों में लगातार मौत... स्वास्थ्य केंद्र बने खंडहर

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गांवों में लगातार मौत... स्वास्थ्य केंद्र बने खंडहर
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गढ़मुक्तेश्वर। पंचायत चुनावों के बाद गांवों में संक्रमण बेकाबू है। दर्जनों गांव ऐसे हैं जहां श्मशान में एक चिता की आग ठंडी नहीं पड़ती कि दूसरी मौत हो जाती है। गांवों में न हेल्थ सर्वे ठीक ढंग से हो रहा है और न ही जांच व कोरोना किट पहुंच रही है।
पलवाड़ा में 30 दिन में 15 की जान गई
करीब आठ हजार की आबादी वाले पलवाड़ा गांव में बीते 30 दिन में 15 मौत हो गई हैं। घर-घर कोरोना जैसे लक्षणों वाले बीमार हैं। ग्रामीण बताते हैं कि गांव में न कोरोना की जांच हुई और न ही दवा मिली। करीब दस साल पहले गांव में बने उप स्वास्थ्य केंद्र (हेल्थ पोस्ट) में भूसा भरा है। कोरोना की जांच के लिए 10 किलोमीटर का सफर तय कर गढ़ सीएचसी जाना पड़ता है। राजकीय हौम्योपैथिक अस्पताल है, लेकिन इन दिनों वह भी बंद पड़ा है। गांव में लगातार हो रही मौतों की वजह से ईद की खुशियां भी ढंग से नहीं मनाई जा सकीं। सीएचसी गढ़ के अधीक्षक डॉ. दिनेश भारती कहते हैं कि गांवों में कैंप लगाकर जांच, दवाई वितरण और वैक्सीनेशन शुरू करा दिया है।
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कब बंटेगी दवाई
एक माह से गांव में लगातार किसी न किसी की मौत की सूचना मिल जाती है। बीमारी बढ़ रही है पर किसी की जांच नहीं हुई। आखिर यहां दवाएं कब बंटेंगी, कब जांच के लिए कैंप लगेगा।-राजेंद्र शर्मा
कर्फ्यू में बढ़े सख्ती
गांवों में भी सख्ती से कोरोना कर्फ्यू का पालन कराया जाना चाहिए। लोग भी अभी यहां बीमारी की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं।-चेतन सिंह
सभी को तत्काल लगें टीके
गांवों में कैंप लगाकर बुजुर्गों एवं महिलाओं का टीकाकरण हो। युवाओं को सीएचसी पर जाकर टीके के लिए जागरूक किया जाए। लगवाएं। -ओमकार शर्मा
तीन बार सैनिटाइज कराया गांव
जीत के बाद सबसे पहला काम गांव में सफाई कराने का किया है। तीन बार पूरे गांव को सैनिटाइज कराया है। स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजकर गांव में कैंप लगाने की मांग की जाएगी।
-युसुफ मेवाती, नव निर्वाचित ग्राम प्रधान
50 बेड का सेंटर जल्द
सिखैड़ा पीएचसी पर 50 बेड का आइसोलेशन सेंटर एक-दो दिन में चालू हो जाएगा।यहां मरीजों को दवाएं एवं ऑक्सीजन समेत सभी सुविधाएं मुहैय्या कराई जाएंगी।
- डॉ. कमल सिंह मलिक, विधायक गढ़
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मुशर्रफपुर झंडा में दस दिन में 6 मौत
हापुड़। मुशर्रफपुर झंडा निवासी बताते हैं कि गांव कोरोना जैसे लक्षणों वाले छह लोगों की मौत दस दिन के अंदर हो गई है। गांव मेें इसके बावजूद न कोई हेल्थ कैंप लगा और ही दवाएं बांटी गईं। यहां भी घर-घर में बुखार के मरीज हैं। गांव में अचानक छह मौतें होने से दहशत है। कोरोना की जांच तो हेल्थ सर्वे टीम का कोई सदस्य भी यहां नहीं पहुंचा। ग्रामीणों को उन्हीं के हाल पर छोड़ दिया गया है।
बढ़ रहा मौतों का ग्राफ:
अरूण चौधरी--48 वर्ष
फूलवती--------90 वर्ष
संतोष----------42 वर्ष
दया-----------62 वर्ष
केला---------59 वर्ष
रविंद्र--------40 वर्ष
मर रहे लोग, कब आएगी टीम
गांव में संक्रमण फैल रहा है। हाल में छह मौत हो गई हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहीं पहुंच सकी है। अपने स्तर से सफाई करा रहे हैं।- संजय चौधरी, ग्राम प्रधान
शिकायत भी अनसुनी
ग्रामीण बेमौत मर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को इसकी चिंता नहीं है। शिकायत के बावजूद गांव में कोई चिकित्सक जांच आदि के लिए नहीं पहुंचा है।- रोहन नागर, ग्रामीण
नहीं आए डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई। मजबूरी में मरीज खुद प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवाएं लेकर काम चला रहे हैं, जिससे जान भी जा रही है। - प्रमोद नागर, ग्रामीण
गांव में दहशत
गांव में छह लोगों की मौत से दहशत है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सुनने को तैयार नहीं है। गांव में कोई चिकित्सा कैंप नहीं लगा।संक्रमण के इस दौर में भी चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। -मूलचंद सिंह, ग्रामीण
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
गांवों में कैंप भी लगवाए जा रहे हैं। गांवों में हेल्थ सर्वे किए जा रहे हैं और कोरोना किट का वितरण भी हो रहा है। ग्रामीण बुखार या कोरोना जैसे लक्षण होने पर तुरंत जांच कराएं। घरों में रहकर बीमारी को बढ़ावा नहीं दें, चिकित्सक के परामर्श से दवाएं लें।
डॉ रेखा शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी
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रामगढ़ी व रफीकनगर में भी गई 5 की जान
हापुड़। नगर पालिका परिषद हापुड़ के वार्ड 20 के मोहल्ला रामगढ़ी में पिछले 18 दिनों में करीब पांच मौत हो चुकी हैं। सभी मरने वालों को खांसी, जुकाम व बुखार था।
वार्ड 20 में मोहल्ला रामगढ़ी, रफीक नगर, आशिया कॉलोनी आदि आते हैं। करीब करीब नौ हजार की आबादी वाले इस वार्ड में लोग बड़ी संख्या में बुखार, खांसी व जुकाम जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीज मिलने पर दिन में तीन बार सैनिटाइजेशन का दावा नगर पालिका कर रही है।
इनकी हुई है मौत..
1- गुड्डी
2- मनोज
3-पूरन
4-विद्यावती
5-सिया मोहम्मद
मोहल्लों में लगें हेल्थ कैंप
लगातार मौतों से शोक और भय है। तनाव भी बढ़ रहा है। हर मोहल्ले में हेल्थ कैंप लगाकर जांच की जानी चाहिए जिससे लोग कोरोना तनाव व भय से बाहर आएं।- सुनील सैनी।
सभी की हो जांच
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सबकी जांच हो। जब तक बीमारी का पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।इससे लोगों में बीमारी से मुकाबले का आत्मविश्वास भी आएगा। -नरेश गुर्जर
सबको लगें टीके
कोरोना संक्रमण से बचने का सटीक, बेहतर व कारगार उपाय कोरोना वैक्सीन ही है। हापुड़ में अभी तक भी 18 वर्ष से अधिक वालों को वैक्सीन नहीं लग पा रही है। सबको टीका लगे तभी मौतों का ग्राफ कम हो सकता है। - प्रमोद कर्दम
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ऐसा तो कभी नहीं देखा
पहले ऐसा मंजर कभी नहीं देखा। हर शख्स सहमा है। संक्रमण व तनाव से बचने के लिए अपने स्तर पर भी हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। अल्लाहताला अब इस बीमारी से मानव जाति को जल्द राहत दिलाए।-शकील चौधरी।
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