गुलावठी में शनिवार को पीएनडीटी की टीम छापे के दौरान मौके पर।
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गुलावठी में लिंग जांच का खुलासा, हापुड़ का दलाल समेत तीन गिरफ्तार
बुलंदशहर/गुलावठी। सोनीपत से गुलावठी क्षेत्र में लिंग परीक्षण कराने के लिए पहुंची महिला को सोनीपत और हापुड़ की स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पकड़ लिया गया। जबकि, विभागीय अफसरों ने अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद न होने की बात कही है। सोनीपत से एक महिला का ग्राहक बनाकर भेजा गया था। टीम ने हापुड़ के दलाल समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस को सौंप दिया है। जिले में लिंग जांच का खुलासा 12 दिन में दूसरी बार होने के बाद भी जिले का स्वास्थ्य महकमा अनजान बना बैठा है।
सोनीपत स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अनुसार बुलंदशहर जिले में लगातार लिंग जांच परीक्षण के मामले सामने आने पर एक गर्भवती महिला को मुखबिर बनाया गया और दलाल से संपर्क साधा गया। जानकारी के अनुसार गुलावठी क्षेत्र में 25 हजार रुपये में लिंग जांच किए जाने पर दलाल से मुखबिर महिला ने संपर्क किया। साथ ही महिला को 25 हजार रुपये के नंबर नोट कर दिए गए और गुलावठी भेजा गया। सोनीपत की टीम में शामिल उप सिविल सर्जन डॉ. आदर्श शर्मा ने बताया कि हापुड़ में दलाल के संपर्क में महिला आने पर पीछा करना शुरू कर दिया। हापुड़ से गर्भवती महिला कार से जबकि दलाल बाइक से गुलावठी पहुंचा। इस दौरान टीम में डॉ. अन्विता कौशिक, डॉ. सुभाष गहलावत, हापुड़ के डॉ. अनुरागी के साथ पुलिसबल साथ रहा। बताया कि टीम पीछा कर गुलावठी के मोहल्ला रामनगर आ गई। लेकिन टीम के आने से पूर्व ही अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक मशीन लेकर भाग खड़ा हुआ। मौके से महिला के साथ एक दलाल और दो अन्य महिलाएं हिरासत में ली गईं। बताया कि महिला को लिंग जांच के दौरान लड़का होना बताया गया। मौके से 15 हजार रुपये बरामद कर लिए गए। नोटों का मिलान सही पाया गया। वहीं, मामले की सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. राकेश चंद्रा मौके पर पहुंचे। लिंग जांच की बात सामने आने पर नोडल अधिकारी/ एसीएमओ डॉ. रोहताश यादव कोतवाली पहुंचे। वहीं, निरीक्षण के लिए जनपद स्तर पर टीम द्वारा कोई वार्ता न किए जाने पर वापस लौट गए।
सोनीपत के उप सिविल सर्जन डॉ. आदर्श शर्मा ने बताया कि पहले उन्होंने गर्भवती महिला को ग्राहक बनाकर भेजा। ग्राहक और टीम के बीच गुलावठी आने में 15 मिनट का अंतर हो गया। संभवत: अल्ट्रासाउंड करने वाली महिला को गर्भवती महिला पर संदेह हो गया। इस बीच आरोपियों द्वारा अल्ट्रासाउंड मशीन मौके से हटा दी गई। अल्ट्रासाउंड मशीन को बरामद करने के लिए पुलिस से मांग की गई है।
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। नोडल अधिकारी और संबंधित क्षेत्र के चिकित्सा अधीक्षक को मौके पर भेजा गया। टीम द्वारा निरीक्षण करने के लिए जनपद प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई। फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है।