एनएच-24 स्थित गोल्फ लिंक में तीन दिवसीय फ्लावर शो का समापन हो गया। रविवार होने के लोग परिजनों और मित्रों के साथ फ्लावर शो देखने पहुंचे। इस दौरान लोगों ने झूलों के साथ-साथ एनसीआर की मशहूर खानपान का भी लुत्फ उठाया।रविवार सुबह से ही मैदान जैसे पिक निक स्पाट में तबदील हो गया था।
फ्लावर शो में देश-विदेश के फूलो के साथ पहाड़ी झरना लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। यहां आने वाले ज्यादातर लोग कृत्रिम रूप से बनाए गए पहाड़ी झरने के लकड़ी के पुल पर खडे़ होकर फोटो खिंचवा रहे थे।इसी के साथ फूलों और सब्जियों से सजी झोपड़ी, रंगे हुए मटकों ने पुराने दिनों की याद ताजा कर दी।
दो दशक पूर्व ही बंद हो चुके स्कूटर पर बैठकर फोटो खिंचवाने के लिए लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे थे।फ्लावर शो के अंतिम दिन लैंडक्राफ्ट ने जीडीए, जीएनए, आवास विकास, सुंदरदीप स्कूल, फ्लोरी कल्चर सोसायटी गाजियाबाद और चौधरी हैमर वर्क्स को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया।
पुरस्कार वितरण के बाद कार्यक्रम में गायक साईराम अय्यर ने अपनी गायकी से समां बांधा। कार्यक्रम में डीएम निधि केसरवानी और जीडीए वीसी विजय कुमार यादव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में ललित जायसवाल, विधि कर्णवाल, राकेश गोयल, मनु गर्ग, रमा त्यागी, आलोक आदि का विशेष सहयोग रहा।
बोनसाई के जरिए घर के गमलों में लगाएं फल
फ्लावर्स शो में न केवल फूलों की प्रदर्शनी की गई, बल्कि लोगों को ऑर्गेनिक और बोनसाई की पैदावार करना भी बताया गया। तीन दिनों तक चले स्पेशल ट्रेनिंग में एक्सपर्ट ने फ्लावर्स शो में आने वाले लोगों को बोनसाई के बारे में बताया। रमा त्यागी ने बताया कि वर्तमान में जब जगह की कमी हो गई है, बोनसाई ट्री कल्चर की ओर लोगों को रुझान बढ़ रहा है।
बीघा में अब बाग-बगीचे पुरानी बात हो चुकी है। फ्लैट की बालकनी में लोग बोनसाई के जरिए चीकू, अमरूद, मौसमी, संतरा आदि फलों के बाग लगा सकते हैं। फ्लावर शो में लोगों को बोनसाई कैसे लगाई जाती है इसके बारे बताया गया।
इसके साथ ही वर्टिकल गार्डन की भी जानकारी दी गई। वर्टीकल गार्डन के जरिए अब लोग छतों की बजाय घर की दीवारों पर किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं।
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