गाजियाबाद। आम बजट से पहले केंद्र सरकार ने मंगलवार को इकोनॉमिक सर्वे पेश किया है। इस सर्वे में सरकार ने जिन बिंदुओं को शामिल किया है, उन पर दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया गाजियाबाद का कहना है कि आने वाले समय में यह कदम विकास के द्वार खोलेगा। हालांकि शुरुआती चरण में मुद्रा स्फीति की दर बढ़ेगी लेकिन दीर्घकाल में जरूर फायदा होगा। सबसे ज्यादा फायदा जीएसटी के लागू होने से मिलेगा।
दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया की गाजियाबाद शाखा के चेयरमैन अंकुर तायल और एग्जीक्यूटिव मेंबर पुनीत सुखेजा ने बताया कि सर्वे में सरकार ने व्यापक स्तर पर आम लोगों को जोड़ने की कोशिश की है। मसलन सरकार कल्याणकारी योजनाओं के लिए यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) का कांसेप्ट लेकर आ रही है। इसमें मोबाइल, आधार कार्ड और जनधन एकाउंट को आधार बनाया जाएगा।
वर्गों के लिए अलग-अलग प्लानिंग नहीं होगी। इससे पूरे समाज को एक सामान फायदा मिलेगा। करप्शन खत्म होगा। प्रॉपर्टी टैक्स से ज्यादा से ज्यादा रेवेन्यू जनरेट करने की भी योजना है। सर्वे में खासतौर से लेदर और कपड़ा इंडस्ट्री को बढ़ाने की बात कही गई है। सरकार का मानना है कि इससे ज्यादा से ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी। स्वदेशी माल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। जीएसटी के लागू होने के बाद इंडस्ट्रीज सेक्टर में तेजी से विकास होगा।