गाजियाबाद। पेय पदार्थ आपूर्ति करने वाली एक फर्म ने पिछले दो वर्षों में लगभग तीन करोड़ रुपये की बिक्री की, लेकिन इसे कागजों में नहीं दर्शाकर जीएसटी को चपत लगाई। कागजों में सिर्फ माल की खरीद दिखाई जा रही थी। जांच में यह सामने आने पर राज्यकर विभाग की टीम ने फर्म संचालक पर 1.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
अपर आयुक्त ग्रेड द्वितीय मोनू त्रिपाठी ने बताया कि वैशाली सेक्टर तीन स्थित फर्म की कई दिनों से रेकी जा रही थी। इस दौरान पाया गया कि फर्म संचालक की ओर से खरीदे गए माल की शादी-पार्टियों में बिक्री की जा रही है। इसको जीएसटी में दर्ज नहीं कराया जा रहा था।
ऐसे में संचालक आईटीसी का पूरा लाभ ले रहा था। इसी के माध्यम से कर का भुगतान दो वर्षों से कर रहा था। इस कारण नकद में कर का भुगतान नहीं हो रहा था। इसके बाद टीम ने योजना बनाई व ग्राहक बनकर फर्म संचालक के पास ऑर्डर देने पहुंची।
संचालक ने जीएसटी को चूना लगाते हुए फिर से ऑर्डर ले लिया। टीम ने तुरंत संचालक को कर चोरी के मामले में पकड़ लिया। दोपहर दो से रात करीब 11 बजे तक चली जांच में टीम ने पाया कि मौके पर स्टॉक 10 लाख रुपये का ही है, जबकि खरीद तीन करोड़ की हुई है।
संचालक से बिक्री संबंधी दस्तावेजों की मांग की गई, लेकिन वह नाकाम रहा। टीम मौके से बरामद सभी चीजें जब्त कर साथ ले आई। शुरुआती आकलन के बाद फर्म संचालक ने 70 लाख रुपये जमा कराए हैं। आगे का आकलन किया जा रहा है।