शहर में कूड़ा लिफ्टिंग करने वाले नगर निगम के 190 वाहनों की निगरानी अब जीपीएस से होगी। डीजल चोरी रोकने के लिए नगर निगम सफाई व्यवस्था में लगे टीपर, डंपर, आरसी और लोडर वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम) लगाएगा। इनके जरिए निगम अफसर और महापौर पता लगा सकेंगे कि किस वाहन ने डंपिंग ग्राउंड के कितने चक्कर लगाए हैं।
सफाई व्यवस्था में लगे प्रत्येक वाहन को निगम से प्रति चक्कर के हिसाब से डीजल दिया जाता है। अधिकांश चालक ट्रिप कम लगाते हैं और फर्जीवाड़ा कर डीजल दो या तीन चक्करों का ले लेते हैं। निगम में हर साल 15 करोड़ रुपये का डीजल सफाई व्यवस्था पर खर्च होता है।
पूर्व में तत्कालीन नगर आयुक्त बसंत लाल ने इसी डीजल चोरी को रोकने के लिए सभी वाहनों में जीपीएस लगवा दिए थे, लेकिन उनके ट्रांसफर होते ही ड्राइवरों ने यह जीपीएस भी हटा दिए। अब डीजल चोरी के इस खेल पर फिर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
महापौर अशु वर्मा ने बताया कि सफाई व्यवस्था में लगे 190 वाहनों में जीपीएस लगवाए जाएंगे। निगम में एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। मोबाइल के जरिए भी वाहनों पर निगरानी की जा सकेगी। अधिकारियों और स्टाफ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जीपीएस हटाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।