पांच साल के लंबे इंतजार के बाद आखिर जजों के लिए बनाए गए दो टावर पूरे हो ही गए। 60 फ्लैट्स वाले इन दोनों टावरों का उद्घाटन करने शुक्रवार को चीफ जस्टिस इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति गाजियाबाद पहुंचे।
कार्यक्रम से पहले सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों का यह काफिला कोर्ट परिसर पहुंचा। वहां भी दो लिफ्ट, तीन लगेज स्कैनर और सीसीटीवी कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिलीप बाबा साहब भोंसले, सुप्रीम कोर्ट न्यायमूर्ति अशोक भूषण, राजेश कुमार अग्रवाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश विमलेश कुमार शुक्ला, लखनऊ बेंच के न्यायाधीश शबीबुल हसनैन अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार शाम करीब पौने छह बजे कोर्ट परिसर पहुंचे।
हाईकोर्ट एवं सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीशों ने कोर्ट परिसर में लिफ्ट, लगेज स्कैनर और सीसीटीवी कंट्रोल रूम के उद्घाटन करने के पश्चात परिसर में ही कल्पतरु के 6 पौधे भी लगाए।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिलीप बाबा साहब भोंसले का कहना था कि गाजियाबाद कोर्ट में वादकारियों को सुविधाएं दिए जाने के चलते यहां न केवल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, बल्कि उन्हें लिफ्ट की सौगात दी गई है।
बाद में जजों का यह काफिला जीटी रोड मॉडल टाउन पहुंचा। यहां चार मंजिल और ग्यारह मंजिल के दो टावर में 60 आवास बनाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अशोक भूषण ने इन आवासों का उद्घाटन किया।
जनपद न्यायाधीश रामकृष्ण उपाध्याय ने बताया कि इन आवासों को जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइनिंग शाखा ने तैयार किया है। 49.72 करोड़ की लागत से बनी जजों की यह बहुमंजिला सोसायटी प्रदेश भर में पहली बार गाजियाबाद में ही बनी है।
इसमें प्रत्येक फ्लैट में 3 बेडरूम, एक लॉबी, एक ड्राइंगरूम, एक स्टडी रूम के अलावा एक सर्वेंट रूम भी है। प्रत्येक फ्लैट में 5 टायलेट और बाथरूम हैं। 2012 में इन फ्लैट का कार्य शुरू हुआ था।
उद्घाटन कार्यक्रम के इस अवसर पर डीएम निधि केसरवानी, एसएसपी दीपक कुमार, सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी, सीजेएम अरविंद यादव, कोर्ट मैनेजर मनोज कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।