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हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन कर रही महिलाओं की पुलिस से धक्कामुक्की, लाठीचार्ज

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हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन कर रही महिलाओं की पुलिस से धक्कामुक्की, लाठीचार्ज
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खोड़ा (गाजियाबाद)। कर्नाटक में शुरू हुआ हिजाब विवाद रविवार को खोड़ा पहुंच गया। नवनीत विहार के शनि बाजार में महिलाएं व युवतियों ने पोस्टर बैनर लेकर हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। कहासुनी के बीच प्रदर्शनकारियों की पुलिस से धक्कामुक्की हुई। इस बीच थाना प्रभारी की वर्दी फट गई। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने रहीस को नामजद कर 15-20 महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
दोपहर करीब 2:30 बजे 15-20 मुस्लिम महिलाएं, युवतियां और कुछ लोग हिजाब के विवाद पर पोस्टर लेकर शनि बाजार में पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। इससे लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। शांति व्यवस्था भंग की आशंका पर तुरंत स्थानीय निवासियों ने खोड़ा पुलिस को सूचना दी। प्रदर्शन में हिजाब पहनकर शामिल हुईं महिलाओं ने काफी देर तक हिजाब के समर्थन में नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी बृजेश कुशवाहा ने महिला पुलिसकर्मियों की मदद से प्रदर्शनकारी महिलाओं को रोका और उनसे प्रदर्शन की अनुमति दिखाने के लिए कहा। कोई अनुमति न होने पर पुलिस ने उनसे प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की। इस बीच पुलिस ने उनसे पोस्टर-बैनर अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया। इस पर धक्कामुक्की हो गई। पोस्टर छीनने के दौरान थाना प्रभारी बृजेश कुशवाहा की वर्दी फट गई। हालांकि उनका कहना है कि प्रदर्शन स्थल के पास लोहे की जाली में अटकने से वर्दी फटी है। काफी देर तक जब महिलाएं नहीं मानीं तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को हटाया।
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कहीं माहौल बिगाड़ने की साजिश तो नहीं
पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति ऐसे प्रदर्शन से चुनाव के माहौल को बिगाड़ने की साजिश हो सकती है। प्रदर्शनकारी महिलाएं और युवतियां खोड़ा इलाके से थीं या नहीं, इस बारे में अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच कर रही है।
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धमकी देना, कोरोना महामारी एक्ट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज
थाना प्रभारी बृजेश कुशवाहा ने बताया कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने वाले लोगों की वीडियो से पहचान की जा रही है। इसमें रहीस को नामजद कर 15-20 महिलाओं के खिलाफ जानबूझ कर किसी को स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, शांतिभंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना, धमकी देना और कोरोना महामारी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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