चुनाव के चलते लंबे रूट पर बसों के फेरे हुए कम
कौशांबी। यूपी चुनाव में शांतिपूर्ण मतदान के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की ड्यूटी में रोडवेज बसें लगी होने से हरिद्वार, बरेली, लखनऊ समेत लंबे रूट पर संचालन की काफी कमी हो गई है। ऐसे में यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए आनंद विहार और कश्मीरी गेट से दिल्ली की बसों में सफर करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को अधिक समय और जेब पर अतिरिक्त खर्चा पड़ रहा है। बसों की कम संख्या से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और अन्य छोटे रूटों पर दो गुना फेरे बढ़ा दिए हैं। तीसरे फेज के बाद डिपो में बसें लौटेंगी, इसके बाद ही लंबे रूट पर संचालन सामान्य हो पाएगा।
यूपी के कई जिलों में पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को है। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने रोडवेज डिपो के अधिकारियों से पैरामिलिट्री फोर्स के लिए 318 बसों की डिमांड भेजी थी, जो परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध करा दी गई हैं। इसके अलावा 14 फरवरी को दूसरे चरण के मतदान के लिए पुलिस, होमगार्ड और पीएसी बटालियन के लिए 200 बसों की डिमांड की हुई है। यह बसें भी 11 फरवरी को डिपो की तरफ से उपलब्ध करा दी जाएंगी। ऐसे में बसों की संख्या कम होने से लंबे रूट जैसे हरिद्वार, लखनऊ, नेपाल-सनौली बॉर्डर, बरेली, प्रयागराज समेत करीब 15 लंबे रूटों पर बसों के फेरे कम कर दिए हैं। इससे दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को काफी दिक्कत हो रही है। मजबूरी में लोगों को प्राइवेट वाहन या फिर टैक्सी करके घर जाना पड़ रहा है।
हरिद्वार जाने वाले यात्री बृजेश का कहना था कि वह पिछले दो घंटे से कौशांबी डिपो पर खड़े थे। मगर पूछताछ करने पर भी कोई जवाब नहीं मिल रहा था। इसके बाद वह कश्मीरी गेट से बस पकड़ने के लिए रवाना हो गए। पीलीभीत जाने वाली यात्री नूरजहां ने बताया कि उन्हें पढ़ाई करने के लिए घर जाना था। उन्होंने ऑफिस से परीक्षा देने के लिए छुट्टी ली है। डिपो के बाहर बरेली जाने वाली बस के इंतजार में तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ खड़े सतीश चौधरी का कहना था कि अधिकारियों को लंबे रूट पर भी बस संचालन की व्यवस्था बनानी थी।
रोडवेज अधिकारियों ने तैयार किया नया शेड्यूल
रीजनल मैनेजर एके सिंह का कहना है कि 318 बसों के अलावा 11 फरवरी को 200 और बसें रोडवेज के बेडे़ से चुनाव ड्यूटी में चली जाएंगी। इसके लिए यात्रियों की समस्या को देखते हुए लंबे रूट पर बसों का संचालन कम करके छोटे रूट पर फेरे बढ़ा दिए हैं। चालक और परिचालकों को वर्कशॉप में बस आने के बाद 15 मिनट में रूट पर चलने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे रूट पर हर बस को दो से तीन चक्कर लगाने के निर्देश हैं। नए शेड्यूल में बसों का संचालन समय 15-20 मिनट कम करके 24 घंटे रूट पर निकालने के लिए कहा गया है।
तीसरे फेज के बाद बेड़े में आएंगी 350 बसें
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि 20 फरवरी को तीसरे फेज का चुनाव कराने के बाद रोडवेज के बेडे़ में 350 बसों आएंगी। जिन्हें लंबे रूट पर चलाया जाएगा। इसके पहले दो दिन में उनकी फिटनेस चेक कर सुरक्षित सफर के लिए तैयार किया जाएगा। बताया कि इनमें से 75 प्रतिशत बसों को हरिद्वार, लखनऊ और अन्य लंबे रूटों पर लगाया जाएगा। इसके बाद अन्य बसें आने पर इनकी संख्या बढ़ाकर फेरे सामान्य कर दिए जाएंगे।