वैशाली मेट्रो स्टेशन पर दिन भर नहीं मिला ऑटो
साहिबाबाद। टीएचए में परमिट सीमित करने के विरोध में संयुक्त मोर्चा ऑटो चालक द्वारा हड़ताल करने के आह्वान का मिला-जुला असर दिखाई दिया। सुबह में मोहन नगर चौराहा, भोपुरा, दिल्ली वजीराबाद रोड, जीटी रोड और इंदिरापुरम इलाके में ऑटो चले। मगर शाम पांच बजते-बजते रोड पर ऑटो काफी संख्या में नजर आए। वैशाली मेट्रो स्टेशन पर दिन भर लोगों को ऑटो नहीं मिला। इससे परेशानी हुई। इस दौरान कई चालकों में हड़ताल के बारे में असमंजस की स्थिति रही।
सुबह करीब आठ बजे मोहन नगर चौराहे से भोपुरा और दिलशाद गार्डन तक ऑटो चालक सवारियों को बैठाकर चलते नजर आए। अमर उजाला की पड़ताल में यहां चौराहे पर चालकों में असमंजस की स्थिति दिखी। चालक रमेश ने बताया कि एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लाउडस्पीकर से हड़ताल की घोषणा कराई थी। मगर तड़के में फोन पर हड़ताल नहीं होने का मेसेज भेज दिया गया। इसके बाद चालक ऑटो लेकर रोजाना की तरह सवारियों को बैठाने लगे। वहीं, वैशाली मेट्रो स्टेशन पर सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक एक भी ऑटो चालक ने गाजियाबाद शहर और इंदिरापुरम, वैशाली व वसुंधरा की तरफ जाने के लिए सवारियों को नहीं बैठाया। चालकों ने वैशाली मेट्रो स्टेशन पर परमिट सीमित करने के विरोध में प्रदर्शन भी किया। ऑटो रिक्शा चालक संघ के अध्यक्ष दिलशाद अहमद का कहना है कि जब तक हमारी मांग नहीं मानी जाएगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
अचानक हड़ताल से हुई दिक्कत
मुझे इंदिरापुरम में अपने घर जाना है। मगर पिछले 30 मिनट से वैशाली मेट्रो स्टेशन पर कोई भी ऑटो नहीं मिल रहा। हर कोई चालक सवारी बैठाने के लिए मना करता रहा। जबकि मुझे घर से एक जरूरी मीटिंग में जाना था। दीपिका, शक्ति खंड
ई-रिक्शा चालक उठाते हैं मजबूरी का फायदा :
ऑटो चालकों ने अपनी मांग के लिए हड़ताल की है। लोगों को दिक्कत हुई है। हमारी मजबूरी का फायदा ई-रिक्शा चालक उठाते हैं। कई चालकों ने इंदिरापुरम तक 50 से 80 रुपये तक वसूल किए। अधिकारियों को चालकों की बात सुननी चाहिए। आशीष, इंदिरापुरम
ऑटो से सवारियों को उतार दिया :
ऑटो न मिलने के कारण मैं कौशांबी स्टेशन से पैदल ही वैशाली की तरफ आ रहा था। डाबर तिराहे के पास कुछ लोग ऑटो में बैठी सवारियों को उतार रहे थे। कई बुजुर्ग को पैदल ही चल रहे थे। ऑटो चालकों की हड़ताल से काफी दिक्कत होती है। क्रिश, वसुंधरा
मेट्रो स्टेशन पर बढ़ी लोगों की भीड़ :
मेरे हिसाब से ऑटो बंद होने के बाद जिन लोगों को दिक्कत हुई थी, उन्होंने मेट्रो से सफर किया। मगर वैशाली से आगे घर तक पैदल चलकर ही जाना पड़ा। ई-रिक्शा चालकों ने हड़ताल का फायदा उठाया और डेढ़ गुना पैसे वसूल किए। सौरभ, गाजियाबाद