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कौशांबी में नहीं बन पाई ट्रैफिक व्यवस्था, रिटायर्ड अफसर भी बैठे धरने पर

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कौशांबी में नहीं बन पाई ट्रैफिक व्यवस्था, धरने पर बैठे सेवानिवृत्त अधिकारी
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कौशांबी। प्रधानमंत्री द्वारा तीन कृषि बिल वापस लेने की घोषणा के बाद शनिवार को कौशांबी में रह रहे रिटायर्ड अधिकारियों ने तत्काल यूपी गेट से प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने की मांग पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि यूपी गेट पर किसानों का कब्जा होने की वजह से 18 हजार की आबादी वाले कौशांबी की आंतरिक सड़कों से हर रोज 70 हजार वाहन गुजर रहे हैं। जिसकी वजह से कौशांबी में रह रहे लोग भारी प्रदूषण और जाम झेल रहे हैं।
शनिवार सुबह केंद्र और राज्य से सेवानिवृत्त अधिकारी सुबह साढ़े आठ बजे नंदा टी प्वाइंट पर एकजुट हुए। दो घंटे तक सांकेतिक धरना देते हुए कुर्सियों पर बैठे रहे। धरना प्रदर्शन में शामिल कौशांबी के लोगों ने कहा कि यूपी गेट से दिल्ली जाने का रास्ता बंद होने से वाहन कौशांबी के रास्ते दिल्ली आते-जाते हैं। कारवां अध्यक्ष विनय मित्तल ने पूर्व में इस मामले की शिकायत एनजीटी में भी की थी। एनजीटी के आदेश पर जिला प्रशासन पिछले एक माह से कौशांबी के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार कर रहा है, जिसे अभी तक प्रभावी तौर पर लागू नहीं किया गया है। इसकी वजह से स्थानीय निवासियों में नाराजगी है। शनिवार को प्रभावी ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने के लिए सड़क पर उतरे लोगों ने यह भी कहा कि जब सरकार ने तीनों बिल वापस करने की बात कह दी तो जिला प्रशासन को चाहिए कि तुरंत हाइवे को किसानों से खाली कराया जाए। धरने पर बैठे अधिकारियों ने कहा कि रविवार की शाम तक भी यदि ट्रैफिक व्यवस्था लागू नहीं होती है तो वह लोग सोमवार को फिर से यहां बैनर व पोस्टर के साथ बैठेंगे और अपना अपना प्रदर्शन तेज करेंगे। धरना प्रदर्शन में बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम में चेयरमैन के पद से सेवानिवृत्त बीसी रस्तोगी, विनय मित्तल, डॉ. स्नेहलता, मनोज गुप्ता, वीके मित्तल, डीके घातक, नकुल, शिवम, मनोज कपूर, राजेश बंसल मौजूद रहे।
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कमिश्नर भी कर चुके हैं निरीक्षण
एनजीटी में शिकायत के बाद एक नवंबर को कमिश्नर ने भी कौशांबी का निरीक्षण किया था। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी और एसएसपी को कौशांबी में ट्रैफिक मैनेजमेंट व्यवस्था लागू करने और रोडवेज की बसों को अंदरूनी सड़कों से न गुजरने देने के दिशा निर्देश दिए थे। वहीं अब तक भी कौशांबी में ट्रैफिक मैनेजमेँट व्यवस्था प्रभावी तौर पर लागू नहीं हुई, जिसी वजह से लोगों में नाराजगी है।
कारवां की मांग
- कौशांबी में ट्रैफिक मैनेजमेंट की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
- कौशांबी से गुजरने वाले सभी बसों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
- रेडिशन ब्लू होटल के बाद दिल्ली से गाजियाबाद की सर्विस रोड पर लगे सभी बैरिकेड हटाए जाएं।
- एनएच पर बैठे हुए किसानों को हटाया जाए।
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