भारत निर्माण में योगदान दे रही सीईएल : डॉ. जितेंद्र सिंह
साहिबाबाद। सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के सपने को पूरा कर रही है। यहां खोजी जा रही तकनीक आम लोगों के लिए उपयोगी है। आज हम एनवायरमेंट फ्रेंडली, कोस्ट इफेक्टिवनेस और ग्रीन एनर्जी की बात करते हैं। इनका उपयोग हर क्षेत्र में होगा। यह बातें विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र स्थित सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में ई-ऑफिस के उद्घाटन के दौरान कही।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने ने कहा कि सीईएल परिसर में मेक इन इंडिया के तहत स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं और युवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। परिसर में होने वाले शोध की जानकारी साझा की जाएगी। युवाओं में यहां से जुड़ने के बाद स्टार्टअप करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार ने एक प्रयास शुरू किया है कि सरकार में विज्ञान से संबंधित जितने भी विभाग या मंत्रालय हैं, उनमें सामूहिक रूप से काम करने की व्यवस्था बने। जिस तरह कोविड काल में मंत्रालयों ने मिलकर काम किया। केंद्रीय मंत्री सीईएल के विनिवेश से जुड़े एक सवाल को टाल गए। मीडिया से वार्ता करने से पहले मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीईएल परिसर में ई-ऑफिस का उद्घाटन करने के साथ ही परिसर का जायजा लिया। पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीईएल में डिजिटलीकरण से पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। गति तेज होने के साथ-साथ जवाबदेही होगी और कागज के कम उपयोग से कार्बन फुट प्रिंट को कम करेगा। प्रबंध निदेशक चेतन प्रकाश जैन ने बताया कि सीईएल ने वर्ष 1978 में सोलर सेल और पहले सोलर मॉड्यूल का निर्माण किया था। 43 साल में कंपनी ने सोलर लालटेन, सोलर होम लाइटिंग सिस्टम, सोलर स्ट्रीट लाइट, जल पंपिंग सिस्टम, सौर ऊर्जा संयंत्र, सोलर पीवी उत्पादों के माध्यम से देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में सेवा दे रही है।