‘गबन के 70 लाख रुपये गायब करने वाले जाएंगे सलाखों के पीछे’
साहिबाबाद। इंदिरापुरम थाने का औचक निरीक्षण करने के दौरान अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने लिंकरोड थाने की प्रभारी रहीं लक्ष्मी सिंह चौहान और अन्य पुलिसकर्मियों पर गबन के 70 लाख रुपये करने के मामले में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। दोषियों को सलाखों के पीछे जाना होगा।
सूत्रों ने बताया कि थाने में डीएम, एसएसपी, एसटी सिटी और एसपी देहात समेत आला अधिकारियों के साथ एक घंटे की मीटिंग में अपर मुख्य सचिव गृह ने लिंक रोड थाने के मामले की जानकारी ली, जिसमें उन्होंने मामले में जांच के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश में सख्ती बहुत हो गई है। मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। बता दें कि लिंक रोड थाने में 70 लाख रुपये गबन करने के मामले में गाजियाबाद पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी द्वितीय आतिश कुमार कर रहे हैं। हालांकि, मामले में शुरू से लेकर अभी तक कोई भी अधिकारी इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
सर्च वारंट मिलते ही मूल
निवासों पर पड़ेंगे छापे
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। गबन के 70 लाख रुपये उड़ाने के मामले में पुलिस सर्च वारंट मिलने का इंतजार कर रही है। सर्च वारंट मिलते ही लिंक रोड थाने की पूर्व एसएचओ समेत सात पुलिसकर्मियों के वर्तमान और मूल निवास स्थान पर छापेमारी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गबन की रकम उनके मूल आवास से बरामद हो सकती है।
सीओ द्वितीय आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को सर्च वारंट मिल सकता है। लिंकर ोड थाना की पूर्व एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान व दरोगा नवीन कुमार पचौरी समेत सातों आरोपित पुलिसकर्मियों के मूल निवास और हाल पते पर तलाश के लिए अर्जी लगाई थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों ने गबन की गई रकम का बड़ा हिस्सा अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगा रखा है। उस रुपये को कुछ स्थानों पर दबिश देने के बाद बरामद किया जा सकता है। मामले में सीओ के साथ कविनगर थाना के एसएसआई विजय यादव को भी सह विवेचक बनाया गया है। पुलिस ने शुक्रवार रात लक्ष्मी चौहान के सरकारी आवास से 1.19 लाख रुपये और सीएमएस कंपनी का बैग बरामद किया था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गबन के रुपये को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जिससे पुलिस के हाथ आसानी से न पहुंच सकें।
आरोपियों में एक सिपाही बन सकता है गवाह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली दबिश में शामिल रहे चालक सिपाही ने शनिवार को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में बयान दर्ज कराए थे। यह सिपाही आरोपियों में शामिल नहीं था। इसलिए उसे सरकारी गवाह बनाया जाएगा। इससे केस मजबूत हो जाएगा और रकम की भी सही जानकारी लग जाएगी।
गबन की रकम में आ रहा है अंतर
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एटीएम में कैश डालने वाली कंपनी ने पहले गबन हुए रुपये की धनराशि कुछ और दिखाई थी। बाद में वह धनराशि बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि उसकी भी जांच की जाएगी। आखिरकार कितने रुपये का गबन हुआ है, उसकी सच्चाई सामने आ सकेगी।