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ऑफर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने वाला है बजट

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टीएचए के रियल स्टेट कारोबारी बोले बजट से अफोर्डेबल हाउसिंग पकड़ेगी रफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। बजट से साफ हो गया है कि सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देगी। इससे अफोर्डेबल हाउस बनाने वाले बिल्डरों को फायदा मिलेगा। बजट में सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत 1.95 करोड़ मकान बनाने का प्रस्ताव रखा है। रियल स्टेट से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बजट से रियल स्टेट सेक्टर को कुछ खास फायदा नहीं हुआ है। सरकार ने ओवरऑल हाउसिंग टैक्स दरों में कोई फैसला नहीं लिया।
बजट रियल एस्टेट के नजरिये से बढ़िया भी रहा और इनमें कुछ खामियां भी रहीं। सरकार ने अपने मिशन हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग पर विशेष ध्यान दिया। जिसमें कई डेवलपर भी अब अफोर्डेबल हाउसिंग में प्रवेश करेंगे। अगर इस बजट की खामियों की बात करें तो रियल एस्टेट सेक्टर को इस बजट से कुछ खास फायदा नहीं हुआ। सरकार ने ओवरऑल हाउसिंग टैक्स दरों के बारे में कोई फैसला नहीं लिया और न ही सिंगल विंडो सिस्टम के बारे में चर्चा हुई। विकास भसीन, सीएमडी, साया होम्स
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फरवरी में चुनाव से पहले के बजट के बाद मोदी सरकार ने आज बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बजट पेश किया और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास व अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। होम लोन पर अतिरिक्त 1.5 लाख टैक्स छूट देकर होम बॉयर्स को अपने घर के सपने को पूरा करने में मदद मिलेगी। दीपक कपूर, डायरेक्टर, गुलशन होम्ज
बजट में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कुछ घोषणाएं काफी कारगर साबित हो सकती हैं। इसमें सबसे पहली और महत्वपूर्ण घोषणा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपयों का निवेश करने की है। इसके अलावा अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए भी फाइनेंस मिनिस्टर ने कई सौगातें दी हैं। इससे उम्मीद की जा सकती है इस सेगमेंट में लोग ज्यादा भागीदारी दिखाएंगे। धीरज जैन, डायरेक्टर, महागुन ग्रुप
बजट में अफोर्डेबल हाउसिंग और प्रधानमंत्री आवास योजना पर 2021 तक पीएमएवाई (ग्रामीण) के तहत 1.95 करोड़ घरों के प्रस्ताव के साथ 80 लाख (शहरी) से अधिक घरों को मंजूरी दी गई है। बजट से ऐसा लगता है कि सरकार कुछ चीजों पर ध्यान देने से चूक गई है। खासकर तब जब सेक्टर में पहली बार घर खरीदने वाले लोग इस बजट का इंतजार कर रहे थे। अमित मोदी, प्रेसिडेंट (इलेक्ट), क्रेडाई वेस्टर्न यूपी और डायरेक्टर ए.बी.ए. कोर्प
परिचर्चा सीए
नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार का पहला बजट एक संतुलित और भारत के विकास को नई दिशा में ले जाने वाला है। इसे गांव, गरीब और किसान सबको ध्यान में रखकर बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य अगले पांच वर्ष के अंदर पांच ट्रिलियन डालर के साथ विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। पुनीत सकुजा सीए
कारपोरेट को सहायता देने के लिए 400 करोड़ के सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों पर आयकर 25 प्रतिशत की दर से लगेगा। पहले यह सीमा 200 करोड़ थी। अब इस दायरे में 99.3 प्रतिशत कंपनियां आ जाएंगी। स्टार्ट अप को एंजल टैक्स से छूट, आयकर स्क्रूटनी में छूट देने से नये उद्यमियों को लाभ होगा और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। अंकुर तायल सीए
सरकार स्टडी इन इंडिया के तहत नए रिसर्च सेंटर खोलेगी और मौजूदा शिक्षा तंत्र में गुणात्मक सुधार हेतु निवेश करेगी। दो करोड़ से ज्यादा सालाना आय वाले व्यक्ति पर अतिरिक्त सरचार्ज लगाया गया है इससे अधिक आय वालों पर भार बढ़ेगा। आयकर में कोई छूट न देने और स्लैब न बढ़ाने से करदाताओं को निराशा हुई है। साथ ही पेट्रोल व डीजल पर अतिरिक्त सेस लगाने में महंगाई भी बढ़ेगी। कुल मिलाकर बजट गरीबों और ग्रामीण व्यवस्था को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अमित तिवारी सीए
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केंद्र सरकार का यह बजट दीर्घकालीन बनाया गया है। इस बजट से छोटे बड़े उद्यमियों को फायदा पहुंचेगा। अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए गए अधिकतम 45 लाख के ऋण पर ब्याज में मौजूदा 2 लाख के अलावा 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट मिलेगी। सरकार अर्थव्यवस्था को लेस कैस बनाना चाहती है और इसके लिए बैंक से एक करोड़ से ज्यादा नकदी के निकासी पर दो प्रतिशत की दर से टीडीएस कटेगा। इससे व्यापार में पारदर्शिता होगी। जीसी मिश्रा, सीए
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