बजट पर स्टोरी :
शहर की 24 फीसदी आबादी तक सरकार नहीं पहुंचा पायी पानी
- लाइनपार, कविनगर और मोहन नगर जोन की कई कालोनियों में पानी का संकट
- पानी की मांग और आपूर्ति में 72 एमएलडी का अंतर
गाजियाबाद।
केंद्र सरकार ने घर-घर नल, घर-घर जल योजना बनाई है, तो अब शहर के उन 24 फीसदी घरों तक भी पानी पहुंचने की उम्मीद जगी है जिनमें अभी तक पानी नहीं पहुंच पाया है। शहरी क्षेत्र की कई कालोनियों और ग्रामीण परिवेश के वार्डों में नगर निगम पाइप लाइन से पानी नहीं पहुंचा पाया है। यही नहीं शहर में जल संकट इतना गहरा रहा है कि अभी भी पानी की मांग और आपूर्ति में 72 एमएलडी का अंतर है।
नगर निगम में फिलहाल 328 एमएलडी (मिलियन लीटर/डे) पानी की मांग है, नगर निगम अपने 200 बड़े और 500 छोटे नलकूपों से सिर्फ 256 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर पा रहा है। निगम के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पाइप लाइन से आपूर्ति नहीं है। नगर निगम के जलकल विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी भी महरौली, बयाना, नायफल, अकबरपुर-बहरामपुर, राहुल विहार, सिद्धार्थ विहार, बागू-क्रिश्चयन नगर, सदरपुर, दुहाई, मोरटा, आंशिक घूकना और नंदग्राम के आंशिक क्षेत्र में नगर निगम की ओर से पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता जल आनंद त्रिपाठी का कहना है कि मेरठ रोड और लाइन पार क्षेत्र की कई कालोनियों के लिए सीएचए फेज-1 और सीएचए फेज-2 पेयजल योजना निर्माणधीन है। जल्द ही इन योजनाओं से कालोनियों को पानी मिलना शुरू हो जाएगा।