आग की लपटों से घिरने के बाद इंजीनियर की नींद खुली। सीएफओ का कहना है कि समझदारी दिखाते हुए इंजीनियर बालकनी के बाहर निकले और दो पिलर के बीच में खड़े होकर शोर मचाया। सोसायटी के सुरक्षाकर्मियों ने दमकल को सूचित कर आग बुझाने के उपकरणों से काबू पाना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर बाद दमकल की गाड़ी पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने रस्सी से इंजीनियर को नीचे उतारकर उसकी जान बचाई और आग पर काबू किया, लेकिन तब तक फ्लैट में रखा सामान पूरी तरह जल चुका था।