सोसायटी में घर के बाहर पेड़ लगाया या नहीं देखेगी टीम
गाजियाबाद। वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) प्लांट संचालित न होने और बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन कर निर्धारित संख्या में पेड़ नहीं लगाने वाले ग्रुप हाउसिंग व अन्य सोसाइटियां जीडीए की रडार पर हैं। सोसाइटियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट को संचालित करने और निर्धारित संख्या में पेड़ लगाने के लिए दी गई समय सीमा बीते माह खत्म हो गई। अब तीन अगस्त शनिवार से जीडीए टीम राजनगर एक्सटेंशन से नियमों का उल्लंघन करने वाली सोसाइटियों की पड़ताल करेगी।
राजनगर एक्सटेंशन की विभिन्न सोसाइटियों में औचक निरीक्षण कर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट की स्थिति और तय मानकों के आधार पर पेड़ लगे हैं, या नहीं इसकी जांच करेंगी। अगर जांच में निर्धारित संख्या में पेड़ नहीं लगे मिलते हैं तो नोटिस जारी कर नक्शा निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। जीडीए के बिल्डिंग बायलॉज के तहत आवासीय भूखंडों में 200 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल में छायादार एक पेड़ लगाना अनिवार्य है।
वहीं, 200 से 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के भूखंड में दो, 301 से 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के भूखंड में चार, 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल के भूखंड में 1000 वर्ग मीटर पर एक-एक पेड़ और ग्रुप हाउसिंग योजना में प्रति हेक्टेयर पर 50 छायादार पेड़ लगाने होंगे। औद्योगिक भूखंडों में प्रति 80 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के भूखंड पर एक पेड़ और व्यावसायिक भूखंडों में प्रति 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर एक पेड़ लगाना अनिवार्य है। ऐसे में शनिवार से विभिन्न सोसाइटियों में उसकी पड़ताल की जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने बताया कि शनिवार से राजनगर एक्सटेंशन की सोसाइटियों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट और निर्धारित संख्या में पेड़ लगाए हैं या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। इसके बावजूद अगर नियमों का उल्लंघन मिलता है तो नक्शा निरस्त करने तक की कार्रवाई हो सकती है।