गाजियाबाद। एनसीआर और गाजियाबाद में चलने वाली डीजल के 10 वर्ष पुराने प्राइवेट और कामर्शियल वाहन अब उत्तर प्रदेश के 34 जिलों में चलते हुए मिलेंगे। सबसे ज्यादा वाहनों की एनओसी बदायूं जिले के लिए ली गई हैं। एआरटीओ ने बताया कि जिले के18,671 वाहनों को अन्य जिलों में जाने के लिए एनओसी दी जा रही है। वाहन चालक एनओसी ले सकते हैं। जिले में पुराने वाहन चलते मिले तो सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
एनजीटी के आदेश के बाद जिले में संचालित हो रहे 10 वर्ष पुराने प्राइवेट और कामर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध है। एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत सिंह ने बताया कि जिले के अंदर 11,127 प्राइवेट वाहन और 7,544 वाहन कामर्शियल संचालित हो रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिन लोगों के वाहन 10 वर्ष पुराने हो गए हैं। वह उत्तर प्रदेश के 34 जिलों में उन्हें बेच सकते हैं। इनके अलावा किसी भी जिले में यह वाहन संचालित नहीं किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि तत्काल रूप से लोग दूसरे जिलों के लिए एनओसी ले सकते हैं। यदि कोई वाहन संचालित होता पाया गया तो वाहन सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। बताया अन्य राज्य के लिए भी एनओसी ली जा सकती है। ऐसा न करने पर पंजीकरण निरस्त करा सकते हैं। ऐसे सभी वाहनों को जब्त किया जाएगा।
यह जिले ले सकते हैं एनओसी
इटावा, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर, कुशीनगर, फर्रुखाबाद, जौनपुर, कन्नौज, बलिया, सुल्तानपुर, गाजीपुर, मैनपुरी, प्रतापगढ़, सिद्घार्थनगर, महाराजगंज, श्रीवस्ती, औरेया, सोनभद्र, फतेहपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर, बदायूं, बलरामपुर, हरदोई, बहराइच, उरई, एटा, काशीरामनगर, महोबा, ललितपुर, चित्रकूट, हमीरपुर, अमेठी, बिजनौर में एनओसी ले सकते हैं।