इलेक्ट्रॉनिक्स और आइटी इंडस्ट्री से बदलेगी तस्वीर
गाजियाबाद। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए चल रही प्रदेश सरकार की कवायद में गाजियाबाद प्राथमिकता वाला जिला है। प्रदेश सरकार की कोशिश है कि इंवेस्टर्स समिट में होने वाले निवेश का लाभ गाजियाबाद को मिल सके। खासतौर पर आइटी और इलेक्ट्रॉनिक्स की इंडस्ट्री को जिले में विकसित किया जाए। गाजियाबाद के अलावा नोएडा और ग्रेटर नोएडा भी प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाले शहर हैं। इंवेस्टर्स समिट के तहत ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी से लौटे निवेशकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रदेश सरकार की मंशा बताई।
गाजियाबाद में सर्विस और गुड्स इंडस्ट्री के तहत लगभग चार हजार करोड़ का निवेश इंवेस्टर्स समिट के दौरान हुआ है। उद्यमी संजीव सचदेवा रविवार को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद में आइटी और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बड़ी यूनिट अगर आती हैं तो गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे पर इन्हें स्थापित करने पर जोर रहेगा। उन्हाेंने बताया कि अगर गाजियाबाद में दोनों तरह की इंडस्ट्री निवेश करती हैं तो आने वाले पांच साल में रोजगार के हजारों अवसर जिले में होंगे और देश-विदेश में गाजियाबाद की इंडस्ट्रियल हब के तौर पर पहचान मजबूत होगी।
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क्या कहते हैं उद्यमी :
गाजियाबाद की पहचान औद्योगिक शहर के तौर पर रही है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में अगर कंपनियां यहां निवेश करती हैं तो यह जिले के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
साकेत अग्रवाल, उद्यमी
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आइटी इंडस्ट्री को बढ़ावा देने से यूपी के हजारों इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए बेहतर रोजगार के अवसर होगें और बड़े शहरों की निर्भरता भी कम होगी। प्रदेश सरकार की कवायद रंग लाती है तो रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।
अशोक गुलाटी, उद्यमी
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