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दादा बाहर चिल्लाता रहा, वो अपने कलेजे के टुकड़ाां को अंदर मारता रहा

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मेरठ के लिए खास
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पिता बाहर चिल्लाता रहा, बेटा कलेजे के टुकड़ों को मारता रहा
सुबह 4:20 बजे ड्राइंग रूम में बैठा था प्रदीप, 4:30 बजे की वारदात
राहुल सक्सेना
गाजियाबाद। सुबह के 4:40 बजे थे। प्रदीप पत्नी की हथोड़े से हत्या करने के बाद तीनों बच्चियों को मार रहा था। कमरे के बाहर खड़े बुजुर्ग पिता दरवाजा खोलने के लिए चिल्ला रहा था। अंदर से आवाज आई, पापा थोड़ी देर तो रुको। डरते हुए प्रदीप की मां चीखी कि बेटा गेट खोलता क्यों नहीं। बच्चे रो रहे हैं। ऐसा क्या कर रहा है तू। अंदर से फिर आवाज आई, मां तुझ पर शांत नहीं रहा जाता। मैं अभी संगीता से बात कर रहा हूं। बस कुछ देर इंतजार कर। बूढ़े माता-पिता को नहीं पता था कि कमरे के अंदर बेटा बहू और पोतियों की जान ले रहा है।
हत्यारे प्रदीप की बहन रीना ने बताया कि वह सुबह 4:20 पर वॉशरूम जाने के लिए उठी थी, तब भाई को ड्राइंग रूम में बैठे देखा। उसे लगा कि नशे में होगा, इसलिए बैठा है। वह कभी भी उठकर बैठ जाता था। बताया कि भाभी और तीनों बच्चियां अंदर एसी वाले रूम में सो रहे थे। वह भी जाकर अपने रूम में सो गई। 10-15 मिनट बाद भाभी के कमरे से बच्चों के रोने की आवाज आई। लगातार टेप फाड़े जाने की आवाज आ रही थी। जैसे-जैसे टेप खुल रहा था। बच्चों के रोने की आवाज कम होती जा रही थी। उसने बताया कि मम्मी, पापा और वह दरवाजा खुलवाने का प्रयास करते रहे, लेकिन भाई प्रदीप ने गेट नहीं खोला। वह भागकर पड़ोस में गई। जब तक लोगों को बुलाकर लाती, तब तक पांचों की जीवन लीला समाप्त हो चुकी थी। रोते बिलखते रीना ने कहा कि उन मासूमों का क्या कसूर था। भाई प्रदीप तो नशे का आदि था। वह आए दिन शराब पीकर झगड़ा करता था। नशे की लत ने ही पूरा परिवार उजाड़ दिया। बूढ़ी मां और पिता के आंखों के आंसू सूख गए हैं। गुमसुम बैठी मां कुछ बोल ही नहीं पा रही थी।
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प्रदीप ने किया था प्रेम विवाह
रीना ने बताया कि प्रदीप दिल्ली के एक हॉस्पिटल में सुपरवाइजर था। यहां पर ही झारखंड की रहने वाली संगीता से उसे प्रेम हो गया। दोनों ने 17 दिसंबर 2006 को विवाह कर लिया। तभी से दोनों साथ रह रहे थे। बताया कि शादी के एक साल बाद संगीता की एम्स में सरकारी नौकरी लग गई। वर्तमान में कमला नेहरू नगर स्थित एम्स के नशा मुक्ति केंद्र मे स्टाफ नर्स थी।
परिवार का इकलौता बेटा था प्रदीप
प्रदीप माता-पिता की पांच संतानों में अकेला बेटा था। उसकीचार बहन हैं। तीन की शादी हो गई है। सबसे छोटी रीना अभी एमएड की पढ़ाई कर रही है। पिता फेरुराम नेवी से रिटायर्ड हैं। उनकी मेरठ के अघैड़ा गांव में जमीन और मकान है। बताया कि न्यू शताब्दीपुरम में 23 मई 2018 को नए घर बनाकर प्रवेश किया था।
शुक्रवार को नौकरी के सिलसिले में जाना था लखनऊ
रीना ने बताया कि 12वीं पास प्रदीप बेरोजगार था। प्रदीप को शुक्रवार सुबह लखनऊ नौकरी के सिलसिले में जाना था। उसकी नौकरी की बात हो गई थी। बृहस्पतिवार रात प्रदीप ने कहा था कि वह संगीता से रुपये लेकर सुबह लखनऊ के लिए निकल जाएगा। सुबह घटना के दौरान एक बार तो सबने सोचा कि वह रुपये मांग रहा होगा। क्योंकि आए दिन रुपयों को लेकर झगड़ा होता था। वह रुपये मांगकर शराब पीता था।
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डेढ़ साल से अलग सोती थी संगीता
बताया गया कि संगीता पिछले डेढ़ वर्ष से प्रदीप से अलग सोती थी। इस बात से प्रदीप को शक रहता था। प्रदीप ड्राइंग रूम में अकेला सोता था और वह तीनों बेटियों को लेकर अलग कमरे में सोती थी। प्रदीप के शराब के नशे में रहने के कारण वह बात भी करती थी। शराब छोड़ने को लेकर भी विवाद होता था। बताया कि नशे छोड़ने की दवाई भी प्रदीप को कई बार खिलाई, लेकिन रिएक्शन होने के कारण उसे देना बंद कर दिया।
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