मोबाइल पर फोटो मंगवाकर बना रहे थे आधार कार्ड
गाजियाबाद। लोनी में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह आवेदकों से मोबाइल पर केवल फोटो मंगाकर ही आधार कार्ड बना रहे थे। इसकी जानकारी गिरोह के सदस्यों से बरामद मोबाइल से मिली है। गिरोह के सदस्यों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि जिन आवेदकों के पास पते आदि का कोई साक्ष्य नहीं होता था तो वे केवल व्हॉट्सएप पर हाई डेफिनेशन फोटो मंगाकर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आधार कार्ड बना देते थे।
गिरफ्तारी के दौरान फर्जी जन सुविधा केंद्र के संचालकों के पास 50 से 60 अलग-अलग व्यक्तियों के रेटिना के हाई डेफिनेशन फोटो मिले हैं। आशंका है कि गिरोह जिस आवेदक का आधार कार्ड बना रहे थे, उसकी मौजूदगी के बिना ही आधार कार्ड बनाया जा रहा था। जिसमें वे किसी अन्य व्यक्ति के रेटिना और फिंगर प्रिंट का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि इस पहलू पर भी जांच की जा रही है कि रेटिना के हाई डेफिनेशन के फोटो किसके लिए गए थे।
एसपी देहात डॉ. ईरज राजा का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर हर पहलू से जांच की जा रही है। सभी तार जोड़े जा रहे हैं। गिरोह में ओर भी सदस्य जुड़े हैं या नहीं इसकी पूछताछ चल रही है। सुरक्षा के मद्देनजर जो जन सेवा केंद्र चल रहे हैं। उनकी जांच की जाएगी। कहीं जन सेवा केंद्र की आड़ में फर्जी तरीकों का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है।
एटीएस कर चुकी है पूछताछ
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस इनसे पूछताछ कर चुकी है। जो जानकारी और साक्ष्य जुटाकर ले गई। जरूरत पड़ने पर एटीएस फिर से पूछताछ कर सकती है।