फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की दस्तक, दूसरी लहर से नहीं लिया सबक

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की दस्तक, दूसरी लहर से नही लिया सबक
विज्ञापन

गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से स्वास्थ्य विभाग ने सबक नहीं लिया है। फरवरी में संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी तक किसी भी सरकारी अस्पताल में बेड नहीं बढ़ाए गए हैं। दूसरी लहर में सबसे अधिक बेड के लिए मारामारी रही और लोग एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में बेड के लिए दौड़ते रहे। विभाग ने ऑक्सीजन होम आइसोलेशन में नहीं देने की बात कही है। ऐसे में बेड की जरूरत अधिक पड़ सकती है।
नहीं बना कहीं आईसीयू
दूसरी लहर के दौरान फेफड़े संक्रमित होने पर मरीजों को आईसीयू की जरूरत पड़ी थी। इसके बावजूद अभी तक किसी भी सरकारी अस्पताल में आईसीयू बेड नहीं बढ़ाए गए हैं। स्थिति यह है कि अगर सामान्य मरीज को भी सांस फूलने पर भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है तो मरीजों को हायर सेंटर या प्राइवेट अस्पताल में रेफर करना पड़ता है। ऐसे में अगर कोविड के मरीजों की संख्या बढ़ती है और दूसरी लहर की तरह स्थिति गंभीर हुई तो परिजनों को स्वयं व्यवस्था करनी पड़ेगी।
विज्ञापन

दूसरी लहर में 3410 बेड पड़ गए थे कम
दूसरी लहर आने पर जिले में 58 कोविड अस्पतालों में कुल 3410 सामान्य बेड बनाए गए थे। इनमें से 731 आईसीयू बेड थे। स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि तीसरी लहर से निपटने की पूरी तैयारी है। सभी सीएचसी पर 50 बेड की व्यवस्था है। ग्रामीण इलाकों की 16 एडिशनल पीएचसी पर 4-4 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गई है। शहरी क्षेत्र की पीएचसी पर भी मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की जा रही है।
विधायकों द्वारा गोद लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर भी नहीं है व्यवस्था
जिले में पांच विधायकों ने अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्र गोद लिए हैं। केंद्रों पर समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं है। मोदीनगर विधायक डॉ. मंजू शिवाच ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोद लिया है, वहां पर सिर्फ सामान्य 20 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है। इसके अलावा अन्य किसी भी केंद्र पर मरीजों के इलाज और भर्ती की व्यवस्था नहीं है।
होम आइसोलेशन में स्वस्थ हो रहे मरीज
अभी अस्पताल बढ़ाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जो भी संक्रमित हुए हैं, सब होम आइसोलेशन में स्वस्थ हुए हैं। प्राइवेट अस्पतालों कोविड अस्पताल में बदलने को तैयार हैं। अगर मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अस्पताल को कोविड में बदल दिया जाएगा।
विज्ञापन

डॉ. सुनील त्यागी, नोडल कोविड अस्पताल प्रभारी
तत्काल बढ़ाए जाएंगे बेड
तीसरी लहर से निपटने के लिए हमारे पास पर्याप्त व्यवस्था है। संयुक्त अस्पताल में 50 बेड का वार्ड बनाने का काम जल्द शुरू होगा। इसके अलावा जिले की सभी सीएचसी पर फेब्रिकेटेड बेड बनाने के आदेश आ चुके हैं। जरूरत पड़ने पर 24 घंटे में हर सीएचसी पर 6 - 6 बेड बढ़ा दिए जाएंगे।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
दूसरी लहर में जिले में कोविड बेड की स्थिति
अस्पताल - बेड की स्थिति - आईसीयू की स्थिति
संतोष अस्पताल - 400 - 60
संयुक्त अस्पताल कोविड लेवल-2 - 90 बेड - 20
ईएसआई अस्पताल राजेंद्र नगर - 78 - 00
4 सीएचसी - 200 - 00
पीएचसी - 05 - 00
एयर फोर्स हिंडन - 80 - 05
49 प्राइवेट अस्पताल - 2406 - 667
वर्तमान में व्यवस्था
पांच अस्पतालों में 96 बेड
संतोष अस्पताल में - 40 बेड
नेहरूनगर स्थित गणेश अस्पताल - 10 बेड
वैशाली स्थित चंद्र लक्ष्मी अस्पताल - 20 बेड
कौशांबी स्थित यशोदा अस्पताल - 14 बेड
वसुंधरा स्थित लीक्रेस्ट - 10 बेड
----------------
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें