रोपवे फंडिंग पैटर्न पर मुहर, केंद्र का रहेगा 20 फीसदी अंशदान
गाजियाबाद। वैशाली से मोहननगर रोपवे प्रोजेक्ट को जनवरी-2022 तक शुरू करने की दिशा में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद वीके सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रोजेक्ट के फंडिंग पैटर्न लगभग मुहर लग गई है। प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार का 20 फीसदी अंशदान होगा। पीपीपी पैटर्न पर बाकी 60 फीसदी निवेश निजी एजेंसी और 20 फीसदी अंशदान जीडीए व अन्य का होगा। प्राधिकरण का पूरा जोर निजी निवेश का दायरा 80 फीसदी तक ले जाने पर होगा।
प्रस्ताव को आगामी 16 दिसंबर की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश सहित प्राधिकरण के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि बैठक में रोपवे प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रोजेक्ट के फंडिग पर निर्णय लिया गया। प्राधिकरण के जोर फंडिंग में निजी निवेश का दायरा बढ़ाने पर रहेगा।
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5.17 किमी लंबे प्रोजेक्ट की 450 करोड़ है लागत:
रोपवे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 5.17 किमी है। प्रोजेक्ट में वैशाली, वसुंधरा, साहिबाबाद और मोहननगर सहित कुल चार स्टेशन होंगे। रोपवे के दोनों आखिरी स्टेशन को फुटओवर ब्रिज के जरिए मेट्रो ब्लू लाइन पर वैशाली स्टेशन और रेल लाइन पर मोहननगर स्टेशन से जोड़ने की योजना है। फंडिंग पैटर्न में प्रोजेक्ट को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है। फाइनल डीपीआर के बाद प्रोजेक्ट की कुल लागत 450 करोड़ तय की गई है, जोकि मेट्रो प्रोजेक्ट से तीन गुना कम है।
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