सवा साल बाद याद आई सूटकेस में मिली नवविवाहिता की लाश
गाजियाबाद। साहिबाबाद में सूटकेस में मिली नवविवाहिता की लाश पुलिस को सवा साल बाद याद आई है। सालभर से हाथ पर हाथ धर बैठी पुलिस ने सोशल मीडिया पर महिला की फोटो डालकर शिनाख्त में मदद की अपील की है। हालांकि, गाजियाबाद पुलिस इस हत्याकांड में एक बार किरकिरी झेल चुकी है। सोशल मीडिया के जरिये मृतका की पहचान अलीगढ़ निवासी वरीसा के रूप में की थी, लेकिन अगले दिन वह जीवित मिली।
पिछले साल 27 जुलाई को साहिबाबाद के अर्थला इलाके में खाली जमीन पर सूटकेस लावारिस पड़ा मिला था। लोगों ने सूटकेस के ईद-गिर्द कुत्ते मंडराते देखे तो पुलिस को सूचना दी। सूटकेस खोला गया तो उसमें नवविवाहिता की लाश मिली। 15 घंटे में घटना का पटाक्षेप करते हुए पुलिस ने मृतका की पहचान अलीगढ़ निवासी वरीसा के रूप में की थी। पुलिस ने दावा किया कि बुलंदशहर निवासी ससुरालियों ने वरीसा की हत्या कर शव साहिबाबाद में फेंका था। तत्कालीन एसएसपी कलानिधि नैथानी ने पुलिस टीम को 15 हजार का इनाम भी दिया था।
खुद के अंतिम संस्कार की सूचना पर थाने पहुंची वरीसा
पुलिस घटना के खुलासे की खुशी में मशगूल थी कि अलीगढ़ पुलिस के पास पहुंची वरीसा ने खुशी में ग्रहण लगा दिया। वहीं, बुलंदशहर पुलिस वरीसा के ससुरालियों को वरीसा की हत्या में जेल भेज चुकी थी। वरीसा ने अलीगढ़ पुलिस को बताया कि 1 जून 2020 को उसका निकाह बुलंदशहर के ऊपरकोट निवासी आमिर से हुआ था। कुछ दिनों बाद ससुरालियों ने उसके जेवर छीन लिए। विरोध करने पर उससे मारपीट की गई। 23 जुलाई को वह ससुराल से नोएडा पहुंची, जहां वह पूर्व में नौकरी करती थी। परिजनों द्वारा किसी अन्य महिला के शव की शिनाख्त उसके रूप में करके अंतिम संस्कार करने का पता चलने पर वह थाने पहुंची।
सोशल मीडिया के जरिये शिनाख्त का किया था दावा
पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था कि लाश मिलने के बाद से ही शिनाख्त की जद्दोजहद शुरू कर दी गई थी। करीब एक हजार व्हॉट्सएप ग्रुपों पर महिला के फोटो शेयर किए गए, तब जाकर देर रात में उसकी शिनाख्त वरीसा के रूप में हुई। लेकिन वरीसा के जिंदा मिलने पर किरकिरी हुई तो अधिकारियों को दबी जुबान से बैकफुट पर आना पड़ा।
एक बार फिर सोशल मीडिया का सहारा
साढ़े 15 महीनों बाद पुलिस ने नवविवाहिता की शिनाख्त के लिए एक बार फिर सोशल मीडिया का सहारा लिया है। एसएसपी पवन कुमार का कहना है कि हाल ही में मसूरी क्षेत्र में युवक की लाश मिली थी। सोशल मीडिया के जरिये उसकी शिनाख्त हापुड़ निवासी फैय्याज के रूप में हुई थी। शिनाख्त होने के बाद उसकी हत्या की गुत्थी सुलझा ली गई। इसी कड़ी में सूटकेस में मिली नवविवाहिता की शिनाख्त के लिए एक बार फिर सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है।