चौथे दिन दर्ज हुई रिश्वत मामले के आरोपी जीडीए कर्मियों पर एफआईआर
गाजियाबाद। अवैध निर्माण कराने के बदले रिश्वत के मामले में निलंबित जीडीए के सुपरवाइजर छोटे सिंह और वर्कमेट नरेंद्र सिंह पर चौथे दिन मुकदमा दर्ज हो गया है। सिहानी गेट थाने से तहरीर लौटाने के बाद जीडीए अधिकारियों ने बृहस्पतिवार सुबह मधुबन बापूधाम थाने में नए सिरे से शिकायत दी। फिर मधुबन बापूधाम थाने में देर शाम जीडीए के दोनों कर्मियों पर मुकदमा दर्ज हो गया है। दूसरी ओर मामले में ही आरोपी जेई रामेशवर के निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति को दो दिन बीते चुके हैं, लेकिन शासन स्तर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
तीन दिन सिहानी गेट थाने व जीडीए के बीच घूमी तहरीर
गोविंदपुरम से सटी अवैध कॉलोनी रतन एंक्लेव में 100 वर्ग गज भूखंड पर बनाए जा रहे भवन के निर्माण के मामले में जीडीए कर्मियों का वीडियो वायरल बीते 25 अक्तूबर को वायरल हुआ था। वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए जीडीए सचिव ने उसी दिन कार्रवाई का आदेश दिया। फिर जीडीए उपाध्यक्ष की संस्तुति पर आरोपी दोनों कर्मियों के खिलाफ एफआईआर के लिए दूसरे दिन 26 अक्तूबर को सिहानी थाने में तहरीर दी गई। तहरीर में स्थान का जिक्र नहीं होने से तहरीर लौटा दी गई। फिर तीसरे दिन 27 अक्तूबर को फिर से सिहानी थाने में तहरीर दी गई तो मामला मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र का बताकर फिर तहरीर को लौटा दिया गया। चौथे दिन तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है।
निलंबन की संस्तुति में पिछला रिकॉर्ड रहा है खराब
जीडीए की ओर से विभिन्न बीते तीन सालों में एक दर्जन से अधिक अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई की शासन को संस्तुति की गई है। लेकिन कार्रवाई का रिकॉर्ड खराब रहा है। 2019 में इंदिरापुरम में नक्शे के विपरीत 15 से 28 यूनिटों के निर्माण के मामले में तत्कालीन जीडीए उपाध्यक्ष ने पांच अवर अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की शासन को संस्तुति की थी। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। राजेंद्रनगर में 2019 में जीडीए की गोपनीय समिति ने 10 निर्माणाधीन एकल यूनिटों पर नक्शों के विपरीत निर्माण का मामला पकड़ा। मामले में तत्कालीन जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने पांच जेई के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई। लेकिन अब तक किसी पर कोई गाज नहीं गिरी है।
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कोट...
साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की होगी गिरफ्तारी:
जीडीए के दो कर्मचारियों और भवन मालिक के खिलाफ मधुबन बापूधाम थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। इसमें वादी ने एक वीडियो क्लिप को आधार बनाया है। भ्रष्टाचार के मामले में दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। पहली अवैध धन की मांग साबित करना और फिर उसकी रिकवरी करना। वीडियो के साथ-साथ अन्य साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य इकट्ठा कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। -- अंशु जैन, सीओ कविनगर