एटा के युवक की डेंगू से मौत
गाजियाबाद। डेंगू की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। युवक का कौशांबी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। परिजनों के अनुसार युवक दस दिन बाद नौकरी के लिए युगांडा जाने वाला था, लेकिन वह डेंगू की चपेट में आ गया। इसके पहले दो महिलाओं की भी मौत डेंगू संक्रमण से मौत हो चुकी है।
एटा के जलेसर निवासी 21 वर्षीय युवक को पांच दिन पहले बुखार हुआ था। जांच कराने पर रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई थी। हालत खराब होने पर परिजन उसे आगरा ले गए, लेकिन लगातार तबीयत बिगड़ती जा रही थी। शनिवार को आगरा से कौशांबी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में डीएसओ डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि युवक की कोरोना जांच एटा में हुई थी। युवक का गाजियाबाद में इलाज चल रहा था। बताया कि मामले की जानकारी एटा स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है। आंकड़े वहीं पर दर्ज होगा।
नौ मरीजों की पुष्टि
रविवार को नौ मरीजों की पुष्टि हुई है, सभी प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती हैं। जिले में अब तक कुल 356 मरीज मिल चुके हैं। इस समय 60 मरीज भर्ती हैं, जबकि अब तक 258 मरीज भर्ती होकर इलाज करा चुके हैं।
संयुक्त अस्पताल और सीएचसी व पीएचसी पर नहीं हो रही है डेंगू की जांच
लगातार डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन अभी तक संयुक्त अस्पताल संजय नगर और डासना, मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी के सीएचसी पर डेंगू की जांच नहीं की जा रही है। इन केंद्रों पर इलाज के लिए आने वाले मरीजों को जांच के लिए एमएमजी अस्पताल भेज दिया जाता है। मुरादनगर केंद्र पर जांच के लिए सैंपल लिए जाते हैं।
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी और अस्पताल को निर्देश दिए गए हैं कि जिस मरीज की डेंगू जांच कराने की जरूरत हो, उसका सैंपल लेकर आईडीएसपी में भेजा जाए। वहां जांच कर रिपोर्ट ऑनलाइन भेज दी जाएगी। इसके बावजूद अगर कोई कोई केंद्र सैंपल भेजने में लापरवाही बरत रहा है तो इसकी जांच की जाएगी।