सितंबर में गाजियाबाद को मिलेगी 250 करोड़ की सौगात
गाजियाबाद। शहरवासियों को सितंबर में विकास से जुड़े 250 करोड़ के प्रोजेक्ट की सौगात मिलेगी। शहरवासियों को नेहरूनगर में सबसे बड़ा ऑडिटोरियम मिलेगा। दूसरी ओर सिहानी में दो गारबेज फैक्ट्री शहर के कूड़ा निस्तारण की समस्या को खत्म करने का जरिया बनेंगी। छह रूटों पर 50 इलेक्ट्रिक बसें शुरू होने से पहले अकबरपुर-बहरामपुरम में इलेक्ट्रिक बस डिपो बनकर तैयार है। सालों बाद रमतेराम रोड स्थित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का आखिरकार लोकार्पण होगा। इसके वहीं, भविष्य में तैयार होने वाले 195 करोड़ के दो अन्य प्रोजेक्ट का काम जल्द शुरू होने की तैयारी है। निगम ने मुख्यमंत्री का कार्यक्रम मांगा है। सितंबर में कार्यक्रम मिलने की संभावना है।
इन प्रोजेक्ट का होगा लोकार्पण
दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम: 32 करोड़
नेहरूनगर द्वितीय में नगर निगम के सबसे बड़े ऑडिटोरियम की शहरवासियों को जल्द सौगात मिलेगी। करीब 32 करोड़ की लागत और 860 लोगों के बैठने की क्षमता वाले ऑडिटोरियम का निर्माण पूरा हो गया है। ऑडिटोरियम पूरी तरह से वातानुकूलित होगा। ऑडिटोरियम में वाहनों के लिए अंडरग्राउंट पार्किंग बनाई गई है। मुख्य द्वार पर बनाए गए आकर्षक गेट से लेकर लैंडस्केपिंग, स्टेज तक सुंदर लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। दूसरी ओर ऑडिटोरियम परिसर में पौधरोपण कर सुंदरीकरण कराया जा रहा है।
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इलेक्ट्रिक बस डिपो: 14 करोड़
अक्तूबर से महानगर में छह रूटों पर 50 इलेक्ट्रिक बसों को दौड़ाने की तैयारी है। इसी के मद्देनजर
अकबरपुरम-बहरामपुरम में करीब 14 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रिक बस के डिपो का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। 25 हजार वर्ग मीटर जमीन पर बने डिपो में विद्युतीकरण का काम तेजी से जारी है। निर्माण का जिम्मा जल निगम की सीएंडडीएस यूनिट के पास है। डिपो में मेंटेनेंस शेड, मुख्य कार्यालय, आंतरिक सड़कें, पार्किंग एरिया, गार्ड रूम, पंप रूप और बाउंड्रीवॉल बनाने पर 5.08 करोड़ खर्च किए गए हैं। लोकार्पण में इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जा सकता है।
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सिहानी में दो गारबेज फैक्ट्री: 10 करोड़
कूड़ा निस्तारण की समस्या के समाधान को नगर निगम ने सिहानी में दो गारबेज फैक्ट्री बनाई हैं। पीपीपी मॉडल पर तैयार दोनों फैक्ट्री पर करीब 10 करोड़ लागत आई है। निगम की योजना गाजियाबाद के साथ अन्य जनपदों के कूड़ा निस्तारण की योजना बनाई गई है। फैक्ट्री में गीले कचरे से खाद तैयार करने के साथ सूखे कचरे में से प्लास्टिक, लोहा, कांच सहित अन्य सामान अलग किया जाता है। फैक्ट्री में प्लास्टिक का इस्तेमाल शहर की सुंदरता के लिए बेंच, बोर्ड सहित अन्य सामान बनाने में किया जाने लगा है।
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रमतेराम रोड कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स: 35 करोड़
निगम ने रमतेराम रोड पर वाहनों की पार्किंग के साथ करीब 35 करोड़ की लागत से व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तैयार किया था। निगम के इस व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का 2015 में निर्माण पूरा होने के बावजूद अब तक लोकार्पण नहीं हुआ है। कॉम्प्लेक्स को अब तक शुरू करने की योजना साकार नहीं हो सकी है। ऐसे में अब लोकार्पण के बाद निगम की योजना कॉम्प्लेक्स को संचालित करने की है।
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इन प्रोजेक्ट का होगा शिलान्यास
नया बस अड्ढा मल्टीलेवल पार्किंग: 45 करोड़
नया बस अड्डा और मेट्रो स्टेशन के पास लोगों को पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने को मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है। निगम की पांच हजार वर्ग मीटर जमीन पर करीब 45 करोड़ की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण होगा। जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस) डीपीआर तैयार कर रही है। पार्किंग को 18 से 24 महीने के अंदर तैयार करने की योजना बनाई गई है।
एसटीपी से शोधित पानी की उद्योगों तक सप्लाई: 150 करोड़
नगर निगम म्युनिसिपल बॉंड के जरिए मार्केट से 150 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस रकम का इस्तेमाल पहले सीवरेज के शोधन का प्लांट लगाने पर खर्च होगा। फिर निगम एसटीपी के पानी को शोधित कर इंडस्ट्रीज में सप्लाई करेगा। इसके लिए इंडस्ट्रीज तक पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी। निगम ने गुजरात की एक फर्म से डीपीआर भी तैयारी कराई है। योजना के लागू हो जाने से उद्योगों की ग्राउंड वाटर पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। जल दोहन पर भी रोक लगेगी। नगर निगम को इस प्रोजेक्ट से आमदनी भी होगी। नगर निगम उद्योगों को पानी की आपूर्ति के बदले यूजर चार्ज लेगा।
कोट..
निगम ऑडिटोरियम, सिहानी में दो गारबेज फैक्ट्री के साथ इलेक्ट्रिक बस के डिपो का काम लगभग पूरा हो चुका है। उद्योगों तक शोधित पानी की सप्लाई और मल्टीलेवल सहित अन्य प्रोजेक्ट की जल्द शुरू होगी। -- महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त
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