साधु समेत दो लोगों के हमलावरों की 15 दिन बाद भी पहचान तक नहीं
गाजियाबाद। डासना देवी मंदिर में बिहार के साधु समेत दो लोगों पर पेपर कटर से हमला करने वाले हमलावरों की पुलिस 15 दिन बाद भी पहचान तक नहीं कर सकी है। पुलिस की जांच अब भी घटना के वक्त मंदिर में मौजूद लोगों और संदिग्ध मोबाइल नंबरों के ईर्द-गिर्द घूम रही है। यहां तक कि सीसीटीवी कैमरे में कैद मिले आरोपी तक को पुलिस ट्रेस नहीं कर सकी है। वहीं, घटना से सबक लेते हुए मंदिर को अभेद किले के रुप में बदलना शुरू कर दिया है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे और करंट वाली इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाई जा रही है।
8 अगस्त को क्विट इंडिया मूवमेंट की सालगिरह पर जंतर-मंतर दिल्ली पर प्रदर्शन था। इसमें संप्रदाय विशेष के लोगों को लेकर भड़काऊ भाषण दिए गए। बिहार केसमस्तीपुर निवासी साधु नरेशानंद सरस्वती भी इसमें शामिल होने 7 अगस्त को दिल्ली आए थे। 8 अगस्त को प्रदर्शन में शामिल होकर वह ठहरने के लिए मसूरी के डासना देवी मंदिर आ गए थे। नरेशानंद सरस्वती मंदिर परिसर में तख्त पर सोए हुए थे। 10 अगस्त की रात करीब साढ़े 3 बजे अज्ञात हमलावर ने उन पर पेपर कटर से हमला कर लहूलुहान कर दिया था। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे मनोज सिंह पर भी हमलावर ने हमला किया था, लेकिन ब्लेड टूटने से वह बाल-बाल बच गए थे। मंदिर की देखरेख करने वाले मुख्य सेवादार अनिल यादव ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
हमले के बाद से बंद कर दिया बाहर सोना
मंदिर महंत यति नरसिंहानंद ने बताया कि पूर्व में वह या अन्य अतिथि गर्मी होने या ताजा हवा लेने के लिए खुले में सो जाया करते थे। लेकिन नरेशानंद सरस्वती पर हमले के बाद अब बाहर सोना बंद कर दिया है। अब मंदिर परिसर में बने विश्राम गृह या अतिथि गृह में सोया या आराम किया जाता है।
सुरक्षा को लेकर अभेद बनाया जा रहा किला
मुख्य सेवादार अनिल यादव ने बताया कि मंदिर परिसर करीब दस एकड़ में है, लिहाजा उसमें सीसीटीवी कैमरे लगाना संभव नहीं है। लेकिन मंदिर के किले में मुख्य भवन, हॉल, महंत जी का ब्लॉक, अतिथिगृह और पुलिस बैरक है। यह एरिया करीब चार हजार गज का एरिया है। इसे तार फेंसिंग और सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जा रहा है। किले के चारों तरफ करंट वायर तथा 60 कैमरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही किले की फेंसिंग कर प्रवेश और निकास का एक ही द्वार बनाया जाएगा।
अस्पताल से सीधे बिहार जाएंगे नरेशानंद
यशोदा अस्पताल में भर्ती स्वामी नरेशानंद की हालत में सुधार है। घटना के संबंध में वह पुलिस को बयान दे चुके हैं। उन्होंने एक हमलावर द्वारा घटना को अंजाम देने की बात कही। मंदिर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का कहना है कि नरेशानंद सरस्वती बिल्कुल ठीक हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते पूरी तरह ठीक होने तक पुलिस ने उन्हें अभी अस्पताल में रोका हुआ है। पुलिस नरेशानंद सरस्वती को अस्पताल से सीधे बिहार भेजेगी।
मंदिर से जुड़े लोग बोले- जल्द हो घटना का खुलासा
डासना देवी मंदिर और महंत कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। हमलावर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती पर हमला करने आए थे, लेकिन वह स्वामी नरेशानंद सरस्वती को महंत समझ बैठे। पुलिस घटना का जल्द खुलासा करे। - अनिल यादव
- घटना के 15 दिन बाद भी पुलिस हमलावरों के बारे में सुराग नहीं लगा सकी है। हमलावर भविष्य में भी किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। -विनय कुमार
- मंदिर से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी है। इसे बाद भी अगर मंदिर या मंदिर से जुड़े लोग सुरक्षित नहीं हैं तो यह चिंता का विषय है। पुलिस जल्द मामले का खुलासा करे।- ब्रजमोहन सिंह
- पुलिस अभी तक मामले में किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इससे प्रतीत हो रहा है कि घटना को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। - मदनलाल मुखिया
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तबीयत में सुधार के बाद साधु से घटना के संबंध में जानकारी ली गई थी। हमलावर को लेकर कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों व लोगों पर काम किया जा रहा है। सभी पहलुओं पर मामले की जांच चल रही है।
- डॉ. ईरज राजा, एसपी ग्रामीण