जेल की क्वारंटीन बैरक में बंदी ने फंदा लगाकर जान दी
गाजियाबाद। पोती और भाभी की हत्या में साढ़े 4 साल से जेल में बंद हापुड़ के बंदी ने क्वारंटीन बैरक के शौचालय में गमछे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार रात 3 बजे सूचना मिलने पर जेल प्रशासन ने परिजनों को जानकारी दी। जेल प्रशासन, परिजन और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी मसूरी पुलिस ने पंचनामा भरा।
पुलिस के मुताबिक थाना बाबूगढ़, हापुड़ के गांव नूरपुर निवासी विपिन (52) खेती करता था। 2016 में उसने अपने बेटे राहुल की शादी मेरठ के भराला गांव निवासी सुहानी के साथ की थी। इसके बाद गृह क्लेश के चलते विपिन परेशान रहने लगा। एक फरवरी 2017 को विपिन ने पत्नी गीता व बहू सुहानी से खाना मांगा। विपिन ने एकाएक कमरे में सो रही सुहानी की डेढ़ माह की बेटी आशवी की हत्या कर दी। भाभी सीमा बीच में आई तो उसे भी मौत के घाट उतार दिया। साथ ही पत्नी गीता की हत्या की कोशिश भी की। बाबूगढ़ पुलिस ने पोती व भाभी की हत्या में गिरफ्तार किया था। तभी से वह जेल में बंद था। जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि विपिन की शुक्रवार को हापुड़ कोर्ट में पेशी थी। वहां से आने के बाद उसे क्वारंटीन बैरक में रखा गया था, जहां 23 बंदी पहले से मौजूद थे। शाम को बैरक बंद कर दी गई। देर रात विपिन ने गमछे से शौचालय के रोशनदान में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। रात 3 बजे चेकिंग के दौरान घटना का पता चला। जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी के परिजनों को सूचना देकर बुला लिया गया।
फांसी की सजा के डर से तनाव में था विपिन
जेल अधीक्षक के मुताबिक विपिन साढ़े 4 साल से जेल में बंद था। उसका केस हापुड़ कोर्ट में फैसले के करीब है। विपिन ने पिछले दिनों हाईकोर्ट में जमानत अर्जी डाली थी, जो खारिज कर दी गई। इसके बाद से विपिन को केस में फांसी होने का अंदेशा था। इसी बात को लेकर वह तनाव में चल रहा था। जेल अधीक्षक का कहना है कि शायद इसी तनाव में उसने खुदकुशी कर ली।
परिजनों को किया था मिलने आने से मना
जेल प्रशासन का कहना है कि विपिन ने अपने परिवार के लोगों से भी जेल में उससे मिलने आने के लिए मना कर दिया था। वह परिवार के लोगों से कहता था कि उसे फांसी होनी तय है। जेल जाने के बाद विपिन डिप्रेशन में आ गया था। वह दिन-रात जागता रहता था। करीब 22 दिन उसका इलाज भी चला था।