बह गए 5 करोड़, नाले फिर भी चोक, घरों में भरा पानी
गाजियाबाद। नगर निगम ने नालों की सफाई के लिए करीब 5 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए। फिर भी शहर के नाले चोक हैं। सात घंटे की रुक-रुककर हुई बारिश ने नालों की सफाई की पोल खोल दी। सड़क से लेकर घरों के अंदर तक पानी लबालब भर गया। दुकान, पुलिस चौकी, अस्पताल और बिजलीघर में पानी भर गया। लोगों ने मेयर और नगरायुक्त के फोन घनघनाए। दोनों को सड़क पर उतरना पड़ा। बारिश के अलर्ट को देखते हुए नगर आयुक्त ने तीन शिफ्ट में टीमें तैनात की हैं।
नाले साफ हुए तो पानी ऊपर क्यों?
नगर निगम ने शहर के 532 छोटे-बड़े नालों में से ज्यादातर नालों की सफाई अपने संसाधनों से कराने का दावा किया है। 28-30 बड़े नालों की सफाई ठेके पर कराई गई है। सवाल यह है कि जब नालों की सफाई हुई तो पानी सड़कों और घरों में क्यों हैं? बिना अतिक्रमण हटाए कराई गई नालों की सफाई अभियान पर शुरूआती दौर से सवाल उठ रहे थे। निगम अधिकारियों ने इस बार नालों की सफाई बीते साल से बेहतर कराए जाने और जलभराव न होने का दावा किया था। शुक्रवार रात 12 बजे से शनिवार दोपहर तक रुक रुककर हुई बारिश के चलते फिर से शहर की कॉलोनियां तालाब में तब्दील हो गईं। नालों में सिल्ट जमा होने की वजह से बरसात का पानी नालों में नहीं समा पाया और वह उफान मारने लगे। गोविंदपुरम, महरौली, लालकुआं क्षेत्र, नेहरू नगर समेत कई कॉलोनियों में नगर निगम ने डिवाटरिंग पंप लगाए तो शाम तक पानी निकल पाया।
गोशाला अंडरपास में जलभराव से दो हिस्सों में बंट गया शहर
मूसलाधार बारिश की वजह से विजयनगर क्षेत्र से पुराने गाजियाबाद शहर को जोड़ने वाले गोशाला अंडरपास में करीब छह फीट पानी जमा हो गया। इसकी वजह से यहां आवागमन बंद हो गया और शहर दो हिस्सों में बंट गया। इसकी वजह से लाइनपार क्षेत्र के दुकानदारों और आसपास की कॉलोनियों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुराने शहर में आने के लिए उन्हें या तो एनएच-9, लालकुआं से होकर या न्यू लिंक रोड़ से करीब 10 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ा।
निगम के जोनल कार्यालय परिसर में भी भरा पानी
नगर निगम के सिटी जोन कार्यालय परिसर और बाहर मुख्य मार्ग पर भी करीब डेढ़ से दो फीट पानी जमा हो गया। कार्यालय की बिल्डिंग के सामने से गुजर रहा बड़ा नाला ओवर फ्लो हो गया। इस क्षेत्र में जलभराव की समस्या करीब दो दशक पुरानी है, लेकिन नगर निगम इसका समाधान नहीं कर पाया।
सोसायटियों में जलभराव से फ्लैटों में कैद हुए रेजिडेंट्स
राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में भी शनिवार को जबरदस्त जलभराव रहा। राजनगर एक्सटेंशन की ज्योति सुपर विलेज सोसायटी के बेसमेंट और सड़कों पर पानी जमा हो जाने से लोग रक्षाबंधन की खरीदारी के लिए भी बाहर नहीं जा पाए। सोसायटी निवासी कमल खटाना का कहना है कि यहां जल निकासी के इंतजाम ठीक नहीं है। एक्सटेंशन की ही देविका स्काइपर सोसायटी के बाहर मुख्य मार्ग पर जलभराव हो जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हापुड़ रोड स्थित पंचशील प्राइमरोज सोसायटी में भी जबरदस्त जलभराव हो जाने से यहां रहने वाले करीब 300 परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वीकेंड पर वह बाहर नहीं जा सके।