दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पास बनेगा ट्रांसपोर्टनगर
गाजियाबाद। महायोजना-2031 के तहत शहरवासियों को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) के पास ट्रांसपोर्टनगर की सौगात मिलेगी। ट्रांसपोर्टनगर के लिए डीएमई के पास दुहाई, डासना और एनएच-9 से सटी जमीन को चिन्हित किया जा रहा है। इस बार प्राधिकरण केवल ट्रांसपोर्टनगर के लिए जमीन चिह्नित करेगा देगा। उसके विकास का जिम्मा यूपी राज्य परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) व अन्य सरकारी एजेंसियों पर होगा। महायोजना-2021 की तरह ही ट्रांसपोर्टनगर के लिए करीब 100 एकड़ जमीन चिह्नित की जाएगी।
टीपीनगर के पास वेयरहाउस, पार्क व इंटर स्टेट टर्मिनल बनाने पर भी विचार
महायोजना में दुहाई व डासना के पास वेयरहाउस व लॉजिस्टिक पार्क के साथ इंटर स्टेट टर्मिनल के विकास पर मंथन किया जा रहा है। कृषि भूमि के आवासीय व व्यावसायिक में भू-उपयोग परिवर्तन के साथ ही डीएमई और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बराबर में योजना पर आगे बढ़ा जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी को देखते हुए इंटर स्टेट टर्मिनल की योजना पर शासन स्तर से काम जारी है। महायोजना का स्वरूप तय होते ही इन पर काम किया जाएगा।
मोदीनगर, मुरादनगर व लोनी का मास्टर प्लान शासन को भेजा
महायोजना-2031 में मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी का मास्टर प्लान तैयार कर शासन में जमा कर दिया गया है। यह तीनों क्षेत्र जिले के भविष्य की विकास योजनाओं का केंद्र होंगे। मास्टर प्लान पर मुहर लगते ही देहात में नई आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक योजनाओं का रास्ता साफ हो जाएगा। जीडीए व अन्य सरकारी एजेंसियों से ब्यौरा लेकर केंद्र सरकार की एजेंसी डीडीएफ कंसलटेंट ने मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी के मास्टर प्लान तैयार किया है। महायोजना में मोदीनगर व मुरादनगर में 50 हेक्टेयर और लोनी में 30 हेक्टेयर कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर आवासीय किया जाएगा।
पहले भी बना टीपीनगर का लेआउट, किसानों ने नहीं दी जमीन
महायोजना-2021 में ट्रांसपोर्टनगर बसाने की योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। जीडीए की योजना राजनगर एक्सटेंशन और नॉदर्न पेरिफेरल रोड (एनपीआर) के पास करीब 100 एकड़ एरिया में ट्रांसपोर्टनगर विकसित करने की थी। जीडीए अभियंत्रण अनुभाग ने ले-आउट भी तैयार कर लिया था। लेआउट में 45 एकड़ में सड़क, सीवर, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), पार्क और हरित पट्टियां और बाकी बचे 55 फीसदी क्षेत्र में ट्रांसपोर्टनगर विकसित करने की थी, लेकिन शासन की लैंड पूल मॉडल की शर्तों के तहत किसान जमीन देने को तैयार नहीं हुए और योजना केवल फाइलों में बनकर रह गई।
डीएमई से बेहतर कनेक्टिविटी, वाहन नहीं करेंगे शहर में प्रवेश
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की बेहतर कनेक्टिविटी के चलते उसके आसपास की जमीन को ट्रांसपोर्टनगर के लिए चिह्नित किया गया है। एनएच-9 के साथ डासना के पास डीएमई ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ा है। ऐसे में इस क्षेत्र में ट्रांसपोर्टनगर का विकास होने पर वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश नहीं करना होगा। एक्सप्रेसवे और हाईवे से होकर वाहन सीधे टीपीनगर आ जा सकेंगे।
जमीन के चयन का काम जारी
महायोजना में ट्रांसपोर्टनगर के लिए दिल्ली-मेेरठ एक्सप्रेसवे के पास जमीन चिह्नित करने का काम जारी है। इस बार प्राधिकरण केवल ट्रांसपोर्टनगर के लिए जमीन चिह्नित करके देगा। उसके विकास का जिम्मा यूपीएसआरटीसी व अन्य एजेंसियों का होगा।
- आशीष शिवपुरी, चीफ एरिया टाउन प्लानर, जीडीए