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दुहाई से गंगनहर तक 4 हजार अवैध निर्माण, सर्वे शुरू

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दुहाई से गंगनहर तक 4 हजार अवैध निर्माण, सर्वे शुरू
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दुहाई से गंगनहर तक करीब 4 हजार से अधिक अवैध निर्माण जीडीए के निशाने पर आ गए हैं। उक्त मार्ग पर बड़े पैमाने पर हुए अवैध व्यावसायिक निर्माण को चिह्नित करने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को सर्वे शुरू किया है। सर्वे में नक्शे और भू-उपयोग की पड़ताल के बाद अवैध निर्माण को नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस का जवाब नहीं देने, दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने और पूरी तरह से अवैध गतिविधियों को ध्वस्त किया जाएगा।
हाइवे के दोनों ओर संपत्तियों के भू-उपयोग की होगी जांच
जीडीए प्रवर्तन जोन-दो की टीम ने हाईवे पर दुहाई से गंगनहर तक अवैध निर्माण को चिह्नित करने के लिए मंगलवार को सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे में प्राधिकरण टीम सिलसिलेवार हाईवे के दोनों ओर संपत्तियों के भू-उपयोग की जांच करेगी। हरित पट्टी में हुए निर्माण, नक्शा पास नहीं कराने, शमन नहीं कराने वाले और अवैध रूप से बनी संपत्तियों को चिह्नित किया जाएगा। नक्शा पास नहीं कराने वाले संपत्तियों के स्वामियों को शमन संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के नोटिस जारी होंगे। वहीं, हरित पट्टियों के साथ अवैध रूप से हुए निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर निर्माण और जमीन संबंधी दस्तावेज जमा कराने का अवसर दिया जाएगा।
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भविष्य में रैपिड कॉरिडोर के चौड़ीकरण की समस्या होगी दूर
रैपिड रेल कॉरिडोर का पहला प्राथमिकता वाला साहिबाबाद से दुहाई तक का खंड मार्च 2023 में शुरू होना है। ऐसे में रैपिड कॉरिडोर का लाभ उठाने के लिए दुहाई व मुरादनगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण, कालोनियां काटे जाने और अवैध व्यावसायिक गतिविधियां जारी है। वहीं, हाईवे पर दुहाई से गंगनहर तक सबसे ज्यादा अवैध निर्माण हुआ है। प्राधिकरण की कवायद हाईवे के दोनों ओर अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाने की है। ऐसे में अवैध निर्माण पर रोक लगने से भविष्य में दिल्ली-मेरठ हाईवे के चौड़ीकरण में कोई बाधा नहीं आएगी।
भविष्य की योजनाओं का केंद्र है मुरादनगर-मोदीनगर
महायोजना 2031 हो या फिर रैपिड रेल कॉरिडोर। भविष्य की योजनाओं का केंद्र मुरादनगर और मोदीनगर क्षेत्र है। मुरादनगर के दुहाई क्षेत्र में रैपिड कॉरिडोर के डिपो का निर्माण हो रहा है। दूसरी ओर आगामी महायोजना में दुहाई में ही ट्रांसपोर्टनगर, रैपिड कॉरिडोर के बराबर आवासीय और व्यावसायिक हब प्रस्तावित है। महायोजना में ही मोदीनगर-मुरादनगर क्षेत्र में कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तित कर आवासीय किया जा रहा है। ऐसे में क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण जीडीए के निशाने पर हैं।
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अवैध प्लॉटिंग, व्यावसायिक गतिविधि पर जारी है कार्रवाई
जीडीए की ओर से मुरादनगर और मोदीनगर क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। बीते दो माह में मुरादनगर के दुहाई, भिक्कनपुर सहित हाईवे से सटे क्षेत्रों में काटी जा रही 35 से अधिक कालोनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं, मोदीनगर का असालतनगर व हाईवे से सटा क्षेत्र प्राधिकरण के निशाने पर है। यहां भी की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर निर्माण में लगे लोगों पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। दूसरी और बगैर नक्शा पास और पूर्णता प्रमाण-पत्र के चल रहे शैक्षिक संस्थान प्राधिकरण के रडार पर हैं।
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कोट...
दुहाई से गंगनहर तक हाईवे के दोनों ओर अवैध निर्माण को चिह्नित करने के लिए सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे में पड़ताल के बाद भू-उपयोग के विपरीत, कृषि भूमि या फिर हरित पट्टी पर बनी व्यावसायिक, आवासीय व अन्य संपत्तियों के स्वामियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -- संजय कुमार, ओएसडी, जीडीए
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