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टर्बाइन ले जा रहे ट्रॉला का टायर फटा, साढ़े चार घंटे जाम रहा हाईवे

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टर्बाइन ले जा रहे ट्रॉला का टायर फटा, साढ़े चार घंटे जाम रहा हाईवे
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मसूरी। डासना में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के दौरान हैवी लोडर ट्रॉला का टायर फट गया। जिसके चलते ट्रॉला गाजियाबाद से हापुड़ वाली लेन को घेरकर खड़ा हो गया। देखते ही देखते एनएच-9 पर करीब चार किमी लंबा जाम लग गया। ट्रॉले पर टर्बाइन लदा होने के कारण वह टस से मस नहीं हो सका। भीषण गर्मी में साढ़े चार घंटे तक जाम में फंसे लोग बिलबिला गए। एक क्रेन से काम न चलने पर दूसरी क्रेन मंगाई गई तब जाकर दोपहर डेढ़ बजे उसे हाईवे से हटाकर यातायात सुचारु कराया जा सका।
गाजियाबाद से एक हैवी लोडर ट्रॉला विशालकाय टर्बाइन लादकर पलवल स्थित कंपनी के लिए चला था। शनिवार सुबह करीब नौ बजे ट्रॉला एनएच-9 होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास पहुंचा। उसे पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़ना था, लेकिन वह मोड़ से आगे चला गया। इसके बाद चालक ट्राले को बैक करने लगा। ज्यादा वजन होने के कारण ट्राले के दो टायर फट गए, जिसके चलते वह हाईवे पर बीचोंबीच खड़ा हो गया और उसके पीछे आ रहे वाहनों के पहिये थम गए और जाम लगना शुरू हो गया। गाजियाबाद से हापुड़ वाली लेन प्रभावित होने के चलते दूसरी लेन पर पर भी वाहन रांग साइड चलने लगे, जिसके चलते हाईवे पर दोनों तरफ जाम लग गया।
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सिपाही से लेकर एसपी तक जूझते रहे
जाम की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस पहुंच गई, लेकिन ट्राला काफी भारी भरकम था, जिसके चलते वह टस से मस तक नहीं हो सका। एक घंटे बाद एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा भी पहुंच गए। एक क्रेन बुलाकर सिपाही से लेकर एसपी तक जूझते रहे, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इसके बाद दूसरी क्रेन भी बुला ली गई। दो क्रेन की मदद से ट्रॉला को हाईवे से हटाया गया तब कहीं जाकर साढ़े चार घंटे बाद यातायात सुचारु हो सका।
वैकल्पिक मार्गों का किया इस्तेमाल
जाम में घिरे लोगों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया। कुछ लोगों ने कल्लूगढ़ी अंडरपास से रांग साइड घूमे और फिर मसूरी रेलवे रोड अंडरपास से हापुड़ की तरफ जाने के लिए सर्विस रोड का इस्तेमाल किया। वहीं, कुछ लोगों ने रफीकाबाद रेलवे फाटक से होकर गोविंदपुरम का रास्ता अपनाया। ट्रॉला हटने के बाद भी यातायात पूरी तरह सुचारु होने में एक घंटा लग गया।
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ऊपर गुजर रही थी हाईटेंशन लाइट, सप्लाई बंद करानी पड़ी
एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि ट्राला के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। ट्रॉला व लाइन के बीच में काफी कम दूरी थी। क्रेन मंगाने से पहले सप्लाई बंद करानी बड़ी। तब जाकर ट्रॉले को हटाने का काम शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि साढ़े चार घंटे बाद ट्राला हटा दिया गया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका।
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