रेड एप्पल के बिल्डर ने वायुसेना के अधिकारी को भी ठगा
गाजियाबाद। वायुसेना के वारंट ऑफिसर समेत कई आवंटियों ने राजनगर एक्सटेंशन की रेड एप्पल सोसायटी में फ्लैट बुक कराए, लेकिन फ्लैट मिला और न ही पैसा। बिल्डर पर आरोप है कि उसने बैंक से आवंटियों के नाम पर लोन कराया और एग्रीमेंट के मुताबिक अब किस्त भी नहीं भर रहा। लेह में तैनात एयरफोर्स के वारंट ऑफिसर ने शनिवार को गाजियाबाद आकर संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई।
वारंट ऑफिसर सुदेश पाल ने बताया कि उन्होंने 2013 में रेड एप्पल सोसायटी में फ्लैट बुक कराया था। 5.36 लाख रुपये एडवांस दिए और बाकी का लोन कराया जाना था। बिल्डर ने फ्लैट पर कब्जा दिए जाने तक ‘नो ईएमआई’ स्कीम पर एग्रीमेंट किया था। आरोप है कि बिल्डर ने उनके साइन कराकर गुपचुप 23.5 लाख की बजाय 27.50 लाख का लोन ले लिया और उसकी किस्त भी कई साल से नहीं भरी। अब बैंक उनके पास नोटिस भेजकर ईएमआई मांग रहा है। सुदेश पाल की तरह ही रेड एप्पल रेजिडेंसी के कई अन्य आवंटी विदेश खेर, विश्वजीत नायडू, रोहताश सिंह, विनीत केडिया और विभू शर्मा भी बिल्डर के जाल में फंस गए। इन सभी लोगों ने शनिवार को होली चाइल्ड सामुदायिक केंद्र में पहुंच कर संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंच पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत की। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने और गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई होने के बाद भी पुलिस बिल्डर को गिरफ्तार नहीं कर रही है। वायुसेना अधिकारी ने कहा कि वह तब तक वापस ड्यूटी पर नहीं जाएंगे, जब तक बिल्डर पर कार्रवाई कर जिला प्रशासन उनका पैसा वापस नहीं कराता। एडीएम रितु सुहास ने उन्हें मदद का आश्वासन देकर बिल्डर पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
200 से ज्यादा लोगों के साथ हुई ठगी
आवंटियों का कहना है कि रेड एप्पल सोसायटी में करीब 200 से ज्यादा ऐसे आवंटी हैं, जो अपना पैसा वापस पाने के लिए प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रहे हैं। बिल्डर इन सभी से ठगी कर चुका है और अब न फ्लैट दिया और न ही पैसा लौटाया जा रहा है। उनका कहना है कि पुलिस और प्रशासन सख्ती करे तो बिल्डर लोगों का पैसा लौटा सकता है। लोगों के पैसों से अभी भी वह लग्जरी लाइफ जी रहा है।