पॉलिसी मेच्योर कराने के नाम पर ठगी करने वाला गैंग पकड़ा
गाजियाबाद। पॉलिसी मेच्योर कराने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए साइबर सेल व नगर कोतवाली पुलिस ने सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी डेढ़ साल से ठगी का धंधा कर रहे थे। वह खुद को डीआरडीए व रिलायंस जनरल इंश्योरेंस का अधिकारी बताकर लोगों से मोटी रकम ऐंठते थे। हैरत वाली बात यह है कि गिरोह को दसवीं पास सरगना चला रहा था, जो डीआरडीए अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लेता था।
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले दो लोगों ने इंदिरापुरम और साहिबाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि साइबर ठगों ने पॉलिसी मेच्योर कराने के नाम पर उनसे 51 और 48 हजार रुपये ठगे हैं। दोनों मामलों की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही थी। जांच-पड़ताल करने पर गिरोह ट्रेस हो गया। इसी कड़ी में बुधवार को तीन आरोपियों गांधीनगर, गन्नौर हरियाणा निवासी अमित कुमार, बरौला नोएडा निवासी आकाश गुप्ता और सेक्टर-एल कुर्सी रोड अलीगंज लखनऊ निवासी अभिषेक तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों वर्तमान में नोएडा में रहकर ठगी का धंधा चला रहे थे। अमित गिरोह का सरगना है। अमित और आकाश दसवीं पास हैं, जबकि अभिषेक बीटेक पास है।
हरियाणा का युवक देता था डाटा, तलाश जारी
दसवीं पास अमित कुमार आईआरडीए अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लेता था। ठगी का धंधा चलाने के लिए अमित ने नोएडा सेक्टर-4 में ए एंड एस हेल्थ लाइफ इंश्योरेंस नोएडा के नाम से ऑफिस खोला हुआ था। लोगों से बातचीत करने के लिए युवाओं को नौकरी पर रखा हुआ था। गिरोह उन लोगों को टारगेट करता था, जिनकी पॉलिसी पूरी होने वाली होती थी या लैप्स हो जाती थी। ऐसे लोगों का डाटा हरियाणा का एक युवक उपलब्ध कराता था, जिसकी तलाश की जा रही है।
दो हजार लोग ठगे, 18 सौ का डाटा मिला
साइबर सेल के मुताबिक गिरोह डेढ़ साल में करीब दो हजार लोगों से ठगी कर चुका है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के पास 18 सौ अन्य लोगों का डाटा मिला है। आरोपियों के कब्जे से 31 मोबाइल, 62 सिम कार्ड, 54 डाटा पेपर शीट, 97 पॉलिसी लैटर हेड व अन्य दस्तावेज मिले हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह फर्जी आईडी के सिम से लोगों को कॉल करते थे। लोगों से मंगाई रकम भी फर्जी आईडी के खातों में डलवाते थे। अब तक 15 बैंक खाते ट्रेस हो चुके हैं।