ड्राइविंग-पासपोर्ट बनाने के लिए लंबी वेटिंग, नहीं मिल रहा स्लॉट
गाजियाबाद। अगर आप पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आपको एक महीने का इंतजार करना पड़ेगा। कोरोना की तीसरे लहर की आशंका को देखते हुए पासपोर्ट कार्यालय ने सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराना का फैसला लिया, जिसके बाद जुलाई में अप्वॉइंटमेंट की संख्या घटाकर आधी कर दी गई है। इसी का नतीजा है कि अब 10 अगस्त तक के अप्वॉइंटमेंट बुक हो गए हैं। हालांकि पासपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि अगस्त से अप्वॉइंटमेंट की संख्या बढ़ने से 11 जनपदों के आवेदकों को राहत मिलेगी। उधर, ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए भी लंबी वेटिंग चल रही है। तीन महीने तक नए लाइसेंस के लिए स्लॉट खाली नहीं है।
कौशांबी पासपोर्ट सेवा केंद्र पर 1100 अप्वॉइंटमेंट दिए जा रहे थे, लेकिन पासपोर्ट आवेदकों की भीड़ के कारण सोशल डिस्टेसिंग नियमों का पालन कराने में आ रही परेशानी को देखते हुए जुलाई में अप्वॉइंटमेंट की संख्या घटाकर आधी कर दी गई। ऐसे में अप्वॉइंटमेंट घटने से जुलाई तक के सभी स्लॉट बुक हो गए। दूसरी ओर जब के अप्वॉइंटमेंट खोले गए तो रोजाना करीब 500 से 800 आवेदकों के चलते 10 अगस्त तक के सभी स्लॉट बुक हो गए हैं। ऐसे में अब पासपोर्ट बनवाने के लिए कई वर्षों के बाद एक माह की वेटिंग हो गई है।
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जुलाई तक केवल तीन पीओ पीएसके पर 40-40 अप्वॉइंटमेंट:
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने जुलाई से सभी पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओ पीएसके) पर अप्वॉइंटमेंट खोल दिए थे, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने और सोशल डिस्टेसिंग नियमों का पालन कराने के लिए केवल तीन मेरठ, नोएडा और आगरा पीओ पीएसके में जुलाई तक 40-40 अप्वॉइंटमेंट दिए गए। बाकी आठ पीओपीएसके में जुलाई तक 20-20 अप्वॉइंटमेंट दिए गए हैं।
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अगस्त से मिल सकती है राहत
विदेश मंत्रालय के निर्देशों के बाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने अगस्त से अप्वॉइंटमेंट की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है लेकिन उससे पहले सीमित संख्या में ही स्लॉट आवंटित किए जाने से वेटिंग बढ़ गई है। अगस्त से अप्वॉइंटमेंट की संख्या में इजाफा होने से नोएडा, आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर, हाथरस, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, वृंदावन, अछनेरा के पीओ पीएसके पर आवेदन को रहने वाली मारामारी कम होगी।
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समीक्षा के बाद अगस्त से पुरानी व्यवस्था के तहत कौशांबी पीएसके में 1100 और पीओ पीएसके में 40-40 अप्वॉइंटमेंट दिए जाने शुरू हो गए हैं। जुलाई में अप्वॉइंटमेंट आधे रहने के कारण वेटिंग बढ़ गई है। पीएसके व पीओ पीएसके पर कोविड गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। -- सुब्रतो हाजरा, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी
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ड्राइनिंग लाइसेंस पर अक्तूबर तक की वेटिंग
पासपोर्ट की तरह ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए भी वेटिंग काफी लंबी है। अक्तूबर तक लर्निंग लाइसेंस बनाने का स्लॉट नहीं मिल पा रहा है। एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत सिंह का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में अप्रैल से मई के बीच लाइसेंस बनाने का काम पूरी तरह से बंद रहा था। जून में दोबारा से शुरू की गई तो लंबी वेटिंग हो गई। वर्तमान में 350 लर्निंग, 180 स्थाई और 180 लाइसेंस रिन्यू किए जा रहे हैं। उसके बाद भी तीन महीन तक की वेटिंग हैं। अब धीरे-धीरे संख्या बढ़ेगी तो आवेदन भी कम होंगे।