ट्विटर के एमडी ने पुलिस को कराया इंतजार
गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट से की गुहार
सीओ और इंस्पेक्टर दिन भर थाने में बैठे रहे बयान दर्ज करने के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद/लोनी। बुजुर्ग अब्दुल समद की दाढ़ी काटे जाने का वीडियो वायरल होने के मामले में ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी बयान दर्ज कराने के लिए बृहस्पतिवार को लोनी बॉर्डर थाना नहीं पहुंचे। पुलिस के नोटिस में 24 जून बयान दर्ज कराने की अंतिम तारीख थी। मनीष गिरफ्तारी से बचने के लिए कनार्टक हाईकोर्ट पहुंच गए। उधर, उनके इंतजार में सीओ और इंस्पेक्टर दिन भर लोनी बार्डर थाना में बैठे रहे। उनके वकील ने कहा था कि वह आएंगे, लेकिन न तो आए और न ही न आने की कोई वजह पुलिस को बताई।
समद की दाढ़ी काटे जाने की घटना पांच जून को हुई थी। इसका वीडियो 14 जून को वायरल हुआ। यह लगातार दो दिन ट्विटर पर ट्रेंड किया। इसकी जांच में खुलासा हुआ कि वीडियो में भड़काऊ बातें लोनी के ही सपा नेता उम्मेद पहलवान ने भरी थीं। पुलिस ने ट्विटर को बताया कि वीडियो में बताई गई बातें सही नहीं हैं, इसके बावजूद इसे डिलीट नहीं किया गया।
इसी आरोप में पुलिस ने ट्विटर के खिलाफ लोनी बॉर्डर थाना में 15 जून धार्मिक उन्माद फैलाने की धारा में केस दर्ज किया। साइबर सेल ने 16 जून अमेरिका स्थित ट्विटर मुख्यालय को नोटिस भेज 12 बिंदुओं पर जानकारी मांगी तो साथ ही 21 जून को ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को नोटिस भेजकर 24 जून को सुबह साढ़े 10 बजे तक लोनी बॉर्डर थाने में पेश होने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने सभी सवाल तैयार कर बृहस्पतिवार को सुबह से एमडी का इंतजार शुरू कर दिया, लेकिन वह नहीं पहुंचे।
पहले थाने आने का संदेश दिया, बाद में कोर्ट जाने की बात कही
केस के विवेचक व लोनी बॉर्डर एसएचओ अखिलेश मिश्र ने बताया कि मंगलवार रात साढ़े 11 बजे मनीष माहेश्वरी के अधिवक्ता ने उन्हें फोन किया। कहा कि मनीष माहेश्वरी बृहस्पतिवार को थाने पहुंचेंगे। दोपहर डेढ़ बजे अधिवक्ता को फोन किया तो उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट में अर्जी लगाने की बात कही। साथ ही कहा कि कोर्ट का फैसला आने के बाद ही वह थाने आने के बारे में बताएंगे। लेकिन शाम तक न तो अधिवक्ता का फोन आया और न ही एमडी पहुंचे।
मनमानी - पुलिस के नोटिस का भी जवाब नहीं दिया ट्विटर ने
कभी ट्वीट पर नियंत्रण न होने की बात कही तो कभी वीडियो कांफ्रेंसिंग से कार्रवाई का रखा प्रस्ताव
योगेन्द्र सागर
गाजियाबाद। बुजुर्ग की दाढ़ी काटे जाने का वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस को ट्विटर का सहयोग नहीं मिल रहा। पहले ट्विटर के कैलिफोर्निया स्थित ट्विटर मुख्यालय ने पुलिस के सवालों का सही जवाह देने के बजाय उलझा दिया। फिर पुलिस ने नोटिस जारी किया तो इसका जवाब नहीं दिया। पुलिस को ट्विटर से 12 सवालों के जवाब चाहिएं लेकिन ये मिल नहीं रहे। ट्विटर इंडिया के एमडी के थाने में आकर बयान दर्ज न कराने से मामला और उलझ गया है।
भड़काऊ ट्वीट डिलीट न करने को लेकर पुलिस ने 16 जून अमेरिका स्थित ट्विटर मुख्यालय को नोटिस भेजकर भड़काऊ ट्वीट करने वाले आरोपियों की डिटेल समेत 12 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। दो दिन बाद ट्विटर ने जवाब दिया कि पुलिस को यह जानकारी ट्विटर आईएनसी के जरिये मिलेगी। इसके बाद पुलिस ने ट्विटर आईएनसी को ई-मेल भेजी। पुलिस ने 17 जून को ट्विटर इंडिया के एमडी को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में थाने आकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए। एमडी कार्यालय से 18 जून को स्पष्टीकरण भेजा गया, जिसमें उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रक्त्रिस्या पूरी करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही हवाला दिया कि लोगों के ट्वीट पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है। पुलिस ने ट्विटर इंडिया की दोनों शर्तों को खारिज कर दिया।
दो दिन कराया इंतजार
- एमडी ने मंगलवार सुबह अधिवक्ता के जरिये पुलिस को मेसेज भिजवाया कि वह बुधवार को थाने पहुंचकर बयान दर्ज कराएंगे, लेकिन चंद घंटों बाद ही प्लान बदल दिया।
- मंगलवार को ही रात साढ़े 11 बजे अधिवक्ता ने फिर से पुलिस से संपर्क किया। कहा कि एमडी मनीष माहेश्वरी बुधवार को नहीं, बल्कि बृहस्पतिवार को पहुंचेंगे। लेकिन वह बृहस्पतिवार को थाने पहुंचने की बजाय कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंच गए।
- अधिवक्ता ने पुलिस से कहा कि जब मनीष माहेश्वरी दिल्ली पहुंच जाएंगे तो पुलिस को सूचित कर दिया जाएगा। पुलिस इंतजार करती रही, लेकिन कोई सूचना नहीं मिली। पुलिस ने ही अधिवक्ता को फोन किया तो एमडी द्वारा कोर्ट जाने का पता चला।
थाने के बाहर लगा वाहनों का जमावड़ा, लगा जाम
एमडी के पहुंचने की सूचना पर भारी संख्या में मीडियाकर्मी लोनी बॉर्डर थाने पहुंच गए थे। थाने के बाहर गाड़ियां खड़ी होने पर दिल्ली-सहानपुर मार्ग पर जाम लग गया। सुबह से लेकर शाम तक मार्ग पर जाम की समस्या बनी रही। कुछ पुलिसकर्मी जाम को खुलवाने में जुटे रहे।