उम्मेद पहलवान ने रची साजिश, अब्दुल समद ने सच को छिपाया
गाजियाबाद। दाढ़ी काटे जाने की घटना की जांच में पूरा सच सामने आ जाने का दावा पुलिस ने किया है। पुलिस का कहना है कि असली घटना समद के साथ मारपीट और दाढ़ी काटे जाने की हुई थी। इसी को सांप्रदायिक रंग देने की साजिश उम्मेद पहलवान ने रची। समद ने सच्चाई को छिपाए रखा। पुलिस ने केस डायरी में सभी आरोपियों की भूमिका साफ कर दी है। हालांकि, लिखा- पढ़ी में अभी तक समद को आरोपी नहीं बनाया गया है।
दाढ़ी काटने की घटना 5 जून को हुई और उसका केस 7 जून को दर्ज हुआ। नौ दिन बाद 14 जून को घटना की वीडियो वायरल हुई तो बखेड़ा हो गया। पुलिस ने कुल तीन मामले दर्ज किए हैं। ट्विटर पर दर्ज केस के अलावा एक मामला दाढ़ी काटने का तो दूसरा मामला भड़काऊ वीडियो वायरल करने का है। सीओ लोनी ने अब्दुल समद और सभी आरोपियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी है।
अब्दुल समद-दाढ़ी काटने के आरोपी प्रवेश गुर्जर को पहले से जानता था, फिर भी एफआईआर में उसे नामजद नहीं कराया। इस सच्चाई को भी छिपा लिया कि उसने प्रवेश को ताबीज दिया था। ( घर से चला गया है )
उम्मेद पहलवान - ताबीज का असर न होने की घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। फेसबुक लाइव पर समद का वीडियो दिखाते हुए भड़काऊ बातें कहीं। ( फरार है )
प्रवेश गुर्जर - समद द्वारा दिए ताबीज का उल्टा असर होने के शक पर उसे घर में बंधक बनाया। दर्जन भर साथियों को बुलाकर सूफी समद के साथ मारपीट की और उनकी दाढ़ी काटी। ( रंगदारी मामले में जेल में है )
इंतजार - प्रवेश को तांत्रिक समद से मिलवाया था। दो बार उसे प्रवेश के घर लेकर गया। घटना वाले दिन अपने साले सद्दाम के साथ बाइक पर तांत्रिक को प्रवेश के पास भेजा। घटना के दौरान मौके पर मौजूद था।( गिरफ्तार हो चुका है)
सद्दाम - बहनोई इंतजार के कहने पर सूफी को बाइक से प्रवेश के घर ले गया। समद के साथ मारपीट व दाढ़ी काटने की घटना के दौरान मौके पर मौजूद था। ( गिरफ्तार हो चुका है)
आदिल - प्रवेश का दोस्त है। घटना वाले दिन प्रवेश का फोन आने पर ही वह अपने दोस्तों को लेकर प्रवेश के पास पहुंचा। सूफी समद के साथ हुई घटना में शामिल रहा। ( गिरफ्तार हो चुका है)
अभय उर्फ कल्लू - आदिल के साथ प्रवेश के पास पहुंचा और सूफी समद के सात हुई घटना में शामिल रहा। ( गिरफ्तार हो चुका है)
हिमांशु, अनस, बाबू, शावेज - प्रवेश और आदिल के दोस्त हैं। सूफी समद के साथ हुई घटना में शामिल रहे। (गिरफ्तार हो चुके हैं)
गुलशन उर्फ पोली, आवेश चौधरी - प्रवेश और आदिल के दोस्त हैं। सूफी समद के साथ हुई घटना में शामिल रहे। अभी फरार चल रहे हैं।