बिजली कटौती से 350 सोसायटी केलोगों पर पड़ा 14.62 करोड़ का बोझ
गाजियाबाद। बिजली कटौती हाइराइज सोसायटी में रहने वाले लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। बीते एक महीने में बहुमंजिला सोसायटी के 1.50 लाख फ्लैट में रहने वाले परिवारों को 14.62 करोड़ रुपये का झटका लगा है। बिजली कटौती की वजह से इन परिवारों को सोसायटी में लगे डीजी सेट की महंगी बिजली इस्तेमाल करनी पड़ी। पॉवर कॉरपोरेशन जहां महज सात रुपये प्रति यूनिट शुल्क लेता है, वहीं डीजी सेट से इन परिवारों को 18 से 22 रुपये प्रति यूनिट बिजली लेनी पड़ी। डेढ़ लाख फ्लैट के अंदर एक महीने में औसतन 20 रुपये की यूनिट मानें तो एक करोड़ 12 लाख 50 हजार यूनिट जनरेटर से खर्च हो गई। लोगों केअनुसार 1500 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त बिल आया है।
आरडब्ल्यूए फेडरेशन एवं फ्लैट ऑनर फेडरेशन के चेयरमैन कर्नल टीपी त्यागी ने बताया कि महानगर की 350 सोसायटी के करीब 1.50 लाख फ्लैट में करीब 5 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। हाइराइज सोसायटी में रहने वाले लोगों की जेब पर महीने में 22 करोड़ 50 लाख रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। विद्युत निगम की यूनिट सात रुपये की है, उस यूनिट केपैसों को निकाल दिया जाए तो प्रत्येक यूनिट पर फ्लैट ऑनर को 14 रुपये ज्यादा देने पड़े। इस हिसाब से एक करोड़ 12 लाख 50 हजार यूनिट पर 14 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये अतिरिक्त देने पड़े। यदि बिजली कटौती नहीं होती तो लोगों की जेब पर यह अतिरिक्त भार नहीं पड़ता। केवल सात करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपये ही देने पड़ते।
- नो ट्रिपिंग जोन में है गाजियाबाद
गाजियाबाद जिला नो ट्रिपिंग जोन में है। यहां नियम के अनुसार एक मिनट के लिए भी बिजली गायब नहीं होनी चाहिए, लेकिन पिछले एक महीने में सबसे ज्यादा बिजली गायब हुई है। गत वर्ष में भी इतनी बिजली कटौती नहीं हुई। कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां तीन से पांच घंटे तक पिछले दिनों बिजली गायब रही है। क्रासिंग रिपब्लिक में मई माह के दौरान छह-छह घंटे बिजली नहीं आई। यही हालात राजनगर एक्सटेंशन, महागुनपुरम, पंचशील प्राइमरोज, गोल्फ लिंक, गुलमोहर, पंचशील, मोहन नगर की गुलमोहर ग्रीन, सेवियर पार्क सोसायटी, दिल्ली-99, शालीमार सिटी, ऑक्सीहोम सोसायटी, एपैक्स ग्रीन, गीतांजलि आदि सोसायटी के हैं। बिजली जाने बाद डीजी यूनिट का प्रयोग करना लोगों की मजबूरी है।
- अव्यवस्था के लिए विद्युत निगम जिम्मेदार
सोसायटी में रहने वाले लोगों का कहना है कि नो ट्रिपिंग जोन के बाद भी जिले से बिजली गायब नहीं होनी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में बिजली है, लेकिन उसकी आपूर्ति नहीं की जा रही है। इससे लोगों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। विभाग के पास जब पर्याप्त आपूर्ति है तो सोसायटी को आपूर्ति देनी चाहिए। कर्नल टीपी त्यागी ने बताया कि विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे क्षेत्रों से बिजली कटौती करा देते हैं। जहां बड़ी-बड़ी सोसायटी होती हैं।
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सोसायटी 350
फ्लैट 1.50 लाख
बिजली यूनिट 7 रुपये
डीजी यूनिट 20 रुपये
आंधी के कारण कुछ स्थानों पर दिक्कत आई थी उसका समाधान करा दिया गया। ट्रिपिंग की समस्या है उस पर हम तेजी से काम कर रहे हैं। नो ट्रिपिंग जोन होने के कारण ऐसा कहीं नहीं है कि चार से पांच घंटे बिजली गायब हो गई हो।
पंकज, मुख्य अभियंता