रिमांड पर जीजा-साले से एटीएस ने की पूछताछ
गाजियाबाद। मसूरी के डासना देवी मंदिर में गलत नाम बताकर घुसने वाले विपुल विजयवर्गीय व उसके साले कासिफ से बृहस्पतिवार को एटीएस के अधिकारियों ने भी पूछताछ की। इस दौरान एटीएस की टीम ने विजयनगर इलाके में कई लोगों से गोपनीय की। सूत्रों के मुताबिक विपुल को उर्दू की तालीम देने वाले विजयनगर निवासी गुरु को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय व संजयनगर निवासी उसका साला कासिफ पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर चल रहे हैं। बृहस्पतिवार को तीसरे दिन एटीएस की टीम ने दोनों से पूछताछ की। इस दौरान कई नाम सामने आए, जिनके संपर्क में विपुल विजयवर्गीय था। इसी कड़ी में एटीएस की टीम ने विजयनगर थाना क्षेत्र के गई इलाकों में जाकर कई लोगों से पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक विजयनगर क्षेत्र में विपुल विजयवर्गीय का गुरू भी रहता है। जिसने उसे उर्दू की तालीम देेने के साथ-साथ पैरा मेडिकल की पढ़ाई भी कराई थी। बताया जा रहा है कि एटीएस ने पूछताछ के लिए उसे भी हिरासत में लिया है।
गुरु के लैपटॉप व किताब की हो रही जांच
बताया जा रहा है कि विपुल विजयवर्गीय के गुरु के पास से लैपटॉप, कई धार्मिक पुस्तकें व अन्य सामान मिला है। एटीएस की टीम लैपटॉप में मौजूद सामग्री को खंगाल रही है तथा साथ ही धार्मिक पुस्तकों की भाषा भी देखी जा रही है। इसके अलावा अन्य सामान की भी पड़ताल चल रही है। विजयनगर पुलिस के मुताबिक एटीएस टीम ने गोपनीय पूछताछ की है। इस दौरान मसूरी पुलिस भी एटीएस के साथ मौजूद रही थी।
यह था मामला......
गत दो जून को डासना देवी मंदिर में घुसे दो लोगों ने प्रवेश के दौरान अपने नाम नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय तथा काशी गुप्ता लिखवाए थे। बाद में काशी गुप्ता नाम का युवक संजयनगर निवासी कासिफ निकला। पूछताछ ममें पता चला कि विपुल कासिफ का जीजा है। आरोपियों के बैग से सर्जिकल ब्लेड, वेक्यूम थेरेपी में काम आने वाली मशीन, धार्मिक पुस्तकें व ग्रंथ बरामद हुए थे। विपुल ने बताया था कि वह शास्त्रार्थ करने के लिए महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से मिलने आया था। वहीं, महंत ने हत्या के लिए आने का आरोप लगाया था। धोखाधड़ी में जेल भेजने के बाद मसूरी पुलिस 8 जून से पांच दिन के कस्टडी रिमांड पर लेकर दोनों से पूछताछ कर रही है।