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दूसरों को कर रहे जागरूक, अपने घर में ही डेंगू का खतरा

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दूसरों को कर रहे जागरूक, अपने घर में ही डेंगू का खतरा
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गाजियाबाद। डेंगू के डंक से लड़ाई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिन पर इलाज और नियंत्रण की जिम्मेदारी है, वहीं पर डेंगू का खतरा मंडरा रहा है। स्वास्थ्य विभाग दूसरों को जागरूक करने में लगा है लेकिन सरकारी अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी का जमावड़ा है। यहां डेंगू का मच्छर पनप सकता है। रोकथाम के उपाय कागजों में अधिक दिखाई दे रहे हैं।
एमएमजी अस्पताल में रोजाना ढाई से तीन हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। जबकि इमरजेंसी में 24 घंटे में 100 से सवा लोग इलाज व मेडिकल कराने के लिए पहुंचते हैं। नई इमरजेंसी के सामने और अस्पताल के मुख्य भवन दीवार से पानी जमा है। पानी पर मच्छर भिनभिना रहे हैं। इसके बावजूद मलेरिया विभाग ने तो इस पानी में छिड़काव कर रहा है और न ही अस्पताल में फॉगिंग की गई है। इस मामले में अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग भार्गव का कहना है कि मलेरिया विभाग को छिड़काव के लिए पत्र लिखा गया है। सीएमएस ने कहा कि जल्द ही गड्ढों का भराव कर दिया जाएगा। उधर, लोनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलभराव की वजह से बंद करना पड़ा। वहां भी डेंगू के मच्छर पनपने का खतरा है।
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डेंगू के चार नए केस मिले, मलेरिया का एक मरीज मिला
सोमवार को डेंगू के चार नए मरीज मिलने के साथ ही संक्रमितों की संख्या 36 हो चुकी है। मलेरिया का एक केस मिलने के साथ ही मरीजों की संख्या नौ हो गई है। अतिसंवेदनशील 50 इलाकों में जांच तेज कर दी गई है। अब तक डेंगू के 36 व मलेरिया के नौ मरीज मिल चुके हैं। 14 बच्चे और 10 महिलाएं डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। 15 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 10 मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है।
16 स्थानों पर मिला डेंगू का लार्वा
वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि पंचवटी में दो, गोविदपुरम में तीन, इंदिरापुरम में चार व राजनगर में दो स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिलने पर संबंधित मकान मालिक को नोटिस जारी किया गया है। मौके पर सफाई के साथ एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया है। वसुंधरा में पांच स्थानों पर कूलर व गमलों में लार्वा मिलने पर पांच मकान मालिकों को नोटिस दिया गया है।
बुखार के 287 मरीज पहुंचे इलाज कराने, 18 भर्ती
जिला एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 2023 नए और 1130 पुराने मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। इनमें से 287 बुखार से पीड़ित थे। इनमें 18 मरीजों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर भर्ती करने की जरूरत पड़ी, जबकि अन्य मरीज ओपीडी में इलाज कराकर वापस लौट गए। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों में 1231 महिलाएं और 1128 पुरुष थे। अस्पताल में पहले से 92 मरीज भर्ती हैं।
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संक्रामक रोगों की रिपोर्ट नहीं देने पर 50 अस्पतालों को नोटिस जारी
जिले में संक्रामक रोग फैलने के बाद प्राइवेट अस्पताल संचालक डेंगू, मलेरिया सहित अन्य मरीजों की जानकारी नहीं दे रहे थे। इस पर जिले के नोडल अधिकारी सेंथिल पांडियन ने भी नाराजगी जताई थी। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में संचालित 50 प्राइवेट अस्पतालों और 42 डॉक्टरों को नोटिस जारी किया है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने कहा है कि प्रतिदिन डेंगू, मलेरिया और बुखार की चपेट में आने वाले हर मरीज का पूरा विवरण दिया जाए। अगर पूरी जानकारी नहीं दी गई तो पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। अस्पतालों में डेंगू का लार्वा चेक कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। कई लैब को भी इस संबंध में नोटिस भेजकर रोज डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड के मरीजों की सूची मांगी गई है।
छह साल में डेंगू-मलेरिया के मरीज
वर्ष - डेंगू - मलेरिया
2021 - 35 - 09
2020 - 15 - 13
2019 - 88 - 142
2018 - 68 - 150
2017 - 232 - 293
2016 - 621 - 128
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