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रेंजर ने किया एयरगन सौंपने का दावा, पुलिस का इंकार

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रेंजर ने किया एयरगन सौंपने का दावा, पुलिस का इंकार
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लोनी। हर्ष फायरिंग मामले में विधायक के बेटे नागेश के साथ नामजद वन विभाग के रेंजर अशोक गुप्ता ने दावा किया है कि उन्होंने रविवार को लोनी थाना जाकर एयर गन पुलिस को सौंपी है। साथ ही बयान दर्ज कराया है कि नागेश ने फायरिंग इसी एयरगन से की थी। उधर पुलिस ने एयरगन मिलने और बयान दर्ज करने से इंकार किया है। सीओ अतुल कुमार सोनकर का कहना है कि रेंजर ने एयरगन नहीं सौंपी है। पहले पिस्टल दी थी, वह जांच के लिए जा चुकी है।
पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के बेटे नागेश पर हर्ष फायरिंग करने और रेंजर पर फायरिंग के लिए पिस्टल देने का आरोप है। वह पुलिस को पहले ही पिस्टल सौंप चुके हैं। पुलिस अधिकारी पहले ही बता चुके हैं कि रेंजर ने पिस्टल सौंपने के साथ बयान दर्ज कराया। इसमें कहा कि फायरिंग इसी पिस्टल से की गई थी।
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इसके बाद रविवार शाम को व्हाट्स एप पर एक फोटो वायरल हुआ। इसमें एक पत्र है। दावा किया गया कि यह रेंजर का थाना पुलिस को दिया गया लिखित बयान है। इस पर रेंजर का कहना है कि उन्होंने पुलिस को एयरगन सौंप दी है। बयान में कहा है कि इसी से फायरिंग की गई। सोशल मीडिया पर उनका थाने में बैठे हुए फोटो भी वायरल हुआ है। रेंजर का कहना है कि नागेश ने उनसे बंदर भगाने के लिए एयरगन मांगी थी। वहां कई बंदर आ गए थे। उन्हें भगाया था। उनके खिलाफ केस दर्ज होने के बाद विभाग उनका पहले ही हापुड़ तबादला कर चुका है। उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में थाना पुलिस की भूमिका की जांच भी चल रही है। इसकी वजह यह है कि दो दिन पहले रेंजर ने जो बयान दिया, उसे उसी दिन केस डायरी में दर्ज नहीं किया गया था।
लगातार उठ रहे सवाल
1. रेंजर का कहना है कि उन्होंने पिस्टल और एयरगन सौंप दी हैं ? पुलिस का कहना है कि दो दिन पहले पिस्टल सौंपी थी, एयरगन नहीं। सवाल है ?कि दोनों के बयान अलग अलग क्यों?
2. जब रेंजर पिस्टल दो दिन पहले ही सौंप चुके थे तो उसी समय एयरगन क्यों नहीं सौंपी? अगर उनका दावा सही है तो पिस्टल और एयरगन अलग अलग दिन पुलिस को क्यों सौंपी?
3. रेंजर के बयान पर ही पुलिस क्यों रुकी है? मौके पर मौजूद अन्य लोगों के बयान अब तक क्यों दर्ज नहीं किए गए हैं? नामजद नागेश का बयान भी पुलिस ने अब तक दर्ज नहीं किया।
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4. सवालों के घेरे में पुलिस भी है, एफआईआर में नागेश के पिता का नाम और रेंजर का पता क्यों नहीं खोला गया था। पुलिस की तहरीर में लिखा है कि कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन उनके नाम नहीं है।
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