81 सड़कों पर 2500 स्ट्रीट लाइट खराब, 9 हजार पोल खाली
गाजियाबाद। शहर को जगमग करने का नगर निगम का दावा हवा हवाई है। शहर में करीब 2500 से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। करीब 9 हजार से ज्यादा पोल लाइट का इंतजार कर रहे हैं। इस वजह से कॉलोनियों की 81 मुख्य और अंदरूनी सड़कें अंधेरे में डूब जाती हैं। सबसे ज्यादा लाइटें नगर निगम के सिटी जोन में खराब हैं।
नगर निगम ने बीती दिवाली पर ऑपरेशन रोशनी चलाकर शहर की सभी लाइटें ठीक कराने का दावा किया था। इसके लिए निगम के प्रकाश विभाग में करीब एक महीने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी आउटसोर्स किए गए थे। अब एक बार फिर स्ट्रीट लाइटों के मेंटेनेंस की रफ्तार धीमी पड़ गई है। यही वजह है कि शहर की 81 सड़कों पर शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। वैशाली के विभिन्न सेक्टरों में 160, वसुंधरा के विभिन्न सेक्टरों में 165 और गोविंदपुरम के विभिन्न ब्लॉक में 81 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। यानी पॉश कॉलोनियों की स्थिति रोशनी के मामले में सबसे खराब है। नगर निगम के कंट्रोल रूम में भी स्ट्रीट लाइटें खराब होने की शिकायतों की संख्या बढ़ गई है। मेयर और नगर आयुक्त की ओर से बुलाई जा रही 10-10 पार्षदों की मीटिंग में भी खराब स्ट्रीट लाइट के मुद्दे उठाए जा रहे हैं। पार्षदों की शिकायत पर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बीते दिनों शहर के पांचों जोन में सर्वे कराया तो खराब स्ट्रीट लाइटों की संख्या 2500 से ज्यादा मिली। सर्वे में 9 हजार से ज्यादा खंभे ऐसे मिले जिन पर स्ट्रीट लाइटें लगी ही नहीं थीं। स्ट्रीट लाइटें न होने की वजह से लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
-----------
22 फीसदी शहर में अंधेरा
नगर निगम सीमा क्षेत्र में करीब 52 हजार स्ट्रीट लाइटें हैं। इसी के आधार पर नगर निगम ने वर्ष 2016 में एक प्राइवेट कंपनी को लाइटें बदलने का ठेका दिया था। अब हालिया सर्वे में नगर निगम के 11.5 हजार खंभों पर या तो लाइट नहीं हैं या इन पर लगी लाइटें खराब हैं। यानी 700 करोड़ के सालाना बजट वाले नगर निगम के इस शहर के करीब 22 फीसदी हिस्से में अंधेरा है। यह बड़ी वजह है कि नगर निगम में स्ट्रीट लाइटों की शिकायतें गंदगी के बाद सबसे ज्यादा रहती हैं।
-------
बरसात में और बढ़ जाएंगी मुश्किलें
बरसात के दिनों में खराब स्ट्रीट लाइटों की वजह से लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती है। अंधेरा होने की वजह से वाहन चालकों को सड़कों पर न तो गड्ढों का अंदाजा लग सकेगा और न ही जलभराव का। ऐसे में सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।
-------------
जोन वार खराब लाइटों की संख्या
कविनगर जोन ---- 346
मोहन नगर जोन --- 178
विजयनगर जोन ---- 233
वसुंधरा जोन ----- 819
सिटी जोन ------- 877
---------
परिचर्चा
गोविंदपुरम में मुख्य मार्ग पर भी स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। अंधेरा होने की वजह से लोग रात को घर से बाहर निकलने से डरते हैं। आपराधिक वारदातें होने का डर रहता है। - एसके अग्रवाल, गोविंदपुरम निवासी
नगर निगम की स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता ठीक नहीं है। एक बार लाइट ठीक होने के कुछ दिन बाद ही फिर खराब हो जाती है। निगम को नियमित रूप से लाइटों को ठीक कराने का अभियान चलाना चाहिए। - यतेंद्र चौधरी, गोविंदपुरम निवासी
-----
अधिकारी बोले
शहर में खराब लाइटों और खाली पोल का सर्वे कराया गया है। खराब लाइटों को ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और खाली पोल पर नई लाइटें लगाने के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। एक माह में सभी शहर की सभी लाइटें ठीक करा ली जाएंगी। - शिवपूजन यादव, अपर नगरायुक्त व प्रकाश विभाग प्रभारी