टीका लगवाने वालों के लिए न बैठने को कुर्सी, न पीने का पानी
गाजियाबाद। टीकाकरण केंद्रों पर इंतजाम को लेकर शिकायत आ रही है। वहां पर न बैठने के लिए कुर्सियां हैं और न ही भीषण गर्मी के बीच पाने के पानी की व्यवस्था है। यह आलम उस वक्त पर है, जब सरकार ने हर टीकाकरण केंद्र पर समुचित व्यवस्था के लिए प्रतिदिन के हिसाब से करीब आवंटित किया है। वहीं, कुछ केंद्रों पर व्यवस्था बनाने में प्राइवेट लोग लगे हैं और उनका बिल सरकारी खाते में जा रहा है। वैक्सीनेशन के लिए जरूरी मेडिकल किट और अन्य सामान सीएमओ स्टोर से लिए गए हैं, लेकिन उनका भी खर्च टीकाकरण मद में ही बताया गया है।
टीकाकरण अभियान के लिए शासन स्तर से बजट जारी किया गया है। इसमें वैक्सीन स्टोरेज से लेकर लाभार्थी को वैक्सीन लगाए जाने तक की व्यवस्था का अलग-अलग मद में बजट जारी किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक ने निर्देश जारी किया था कि टीकाकरण स्थल पर मेज, कुर्सी, पेयजल, डिस्पोजेबल ग्लास, साबुन के लिए प्रति सत्र पांच सौ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्टेशनरी के लिए एक सौ रुपये दिए जाएंगे। टीकाकरण स्थल पर लाल, पीला एवं काला प्लास्टिक के बैग, एनाफिलक्स किट के लिए 110 रुपये और टीकाकरण केंद्र पर किसी लाभार्थी को साइड इफेक्ट होने पर दिए जाने वाली दवाई और इंजेक्शन के लिए 580 रुपये प्रति सेंटर दिए गए थे। जबकि खाने के लिए प्रति व्यक्ति छह स्टॉफ के लिए 100-100 रुपये दिया जाना है। टीकाकरण केंद्रों पर टेंट, पानी, डिस्पोजल गिलास रखने की व्यवस्था के भी निर्देश हैं, इसके लिए अलग से मद भी आया था।
राज्यमंत्री ने बदलवाए थे कई केंद्र
टीकाकरण शुरू होने के बाद कई केंद्रों पर अव्यवस्था होने के कारण स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने कई केंद्रों को बदलवा दिया था। उन केंद्रों पर वही लोग व्यवस्था करा रहे हैं, जो केंद्र का संचालन करा रहे हैं। विशेष तौर पर तीन स्थान मान सरोवर भवन, रामलीला मैदान घंटाघर, क्रॉसिंग रिपब्लिक में संचालित सेंटर पर व्यवस्था कराने वालों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्टॉफ वैक्सीनेशन करने के लिए आता है। व्यवस्था वे लोग स्वयं कराते हैं, चाहे लाभार्थियों के लिए बैठने की व्यवस्था हो या स्टाफ के लिए खाने-पीने की।
सीएमओ स्टोर से लिए गए थे अन्य संसाधन
सैनिटाइजर - 100 एमएल -70 बोतल
सैनिटाइजर - 10 लीटर
ग्लब्स - एक हजार
सीरिंज 5 एमएल की - 700
साइड इफेक्ट से बचाव का इंजेक्शन - 1072
शासन द्वारा जारी किया बजट
वैक्सीनेशन टीम सदस्यों को भुगतान के लिए - 1118400
सामान, पानी और डिस्पोजल गिलास के लिए - 4.66 लाख
स्टेशनरी के लिए - 93200
हबकटर, ब्लीच, हाइपोक्लोराइड - 27900
लाल, पीली व काली प्लास्टिक बैग के लिए - 8333
कंटेनर - 9300
एएफआई किट - 16820
स्वास्थ्य राज्यमंत्री के प्रयास से क्रॉसिंग रिपब्लिक में टीकाकरण सेंटर चलाया जा रहा है। यहां पर लोगों के बैठने, स्टॉफ को खाने-पीने, पानी और टेंट लगाने का प्रतिदिन का खर्च 1500 के लगभग हो रहा है।
दीपशिखा, क्रॉसिंग रिपब्लिक
24 मई से रामलीला मैदान घंटाघर में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। यहां पर टीकाकरण के लिए आने वाले स्टॉफ को रामलीला कमेटी के पदाधिकारी व हम लोग मिलकर व्यवस्था करते हैं। कुर्सी व पानी के अलावा स्टॉफ के खाने पीने की भी व्यवस्था करते हैं।
विपुल अग्रवाल, व्यवस्थापक
टीकाकरण के शुरुआत में बजट आया था। उस समय मेरे पास चार्ज नहीं था, इस समय किसी तरह व्यवस्था बनाकर खर्च किया जा रहा है। अभी नया बजट नहीं मिला है।
डॉ. नीरज अग्रवाल, प्रतिरक्षण अधिकारी
कैलाश मानसरोवर भवन में पानी की व्यवस्था की जाती है, स्टाफ व सेवादारों को सेवा भारती व आरएसएस की तरफ से खाने की व्यवस्था कराई जाती है।
हेमंत बाजपेयी, पदाधिकारी सेवा भारती
जो भी बजट और निर्देश शासन से आया है, उसके अनुसार ही खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कहीं पर कोई परेशानी आ रही है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ